बोर्ड ने एक साथ
तीन तलाक पर केंद्र द्वारा लाए गए बिल को महिला विरोधी करार दिया। कहा कि इससे महिलाओं की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ जाएंगी। साथ ही यह संविधान और शरिया के भी खिलाफ है। बोर्ड इस बिल को राज्यसभा से पास होने से रोकने के लिए कोशिशें करता रहेगा। साथ ही बिल के खिलाफ समुदाय के बीच जागरूकता अभियान भी चलाएगी।
बोर्ड की तानाशाही, इसे तत्काल भंग कर देना चाहिए
मौलाना सलमान हुसैन नदवी ने अपनी बर्खास्तगी पर कहा कि बोर्ड में कुछ लोगों की तानाशाही चल रही है। निकालने से पहले नोटिस तक नहीं दिया गया। उन्होंने खुद को पहले ही बोर्ड से अलग कर लिया था।
बोर्ड का गठन जिस मकसद से किया गया था, वह पूरा होता नहीं दिख रहा है। इसलिए इसे तत्काल भंग कर देना चाहिए और इसकी जगह शरीयत एप्लीकेशन बोर्ड बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका रास्ता शांति और अमन का है। इसलिए श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की थी। अयोध्या विवाद के हल के लिए सुलह व समझौते की कोशिश चलती रहेगी। वह जल्द ही साधु संतों से मिलने अयोध्या भी जाएंगे।
बोर्ड का फैसला चौंकाने वाला
अयोध्या मामले पर सुलह की कोशिश कर रहे श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि मौलाना सलमान हुसैन नदवी को
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड से निकाले जाने का फैसला चौंकाने वाला है क्योंकि बोर्ड के कई सदस्य उनसे मिलते रहे हैं। इन सभी ने हिंदू और मुसलमानों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देने तथा अयोध्या मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान की प्रतिबद्धता भी जताई।