सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में उन पक्षकारों के नाम हटाने की गुहार की गई है जिनकी मौत सुनवाई के दौरान हो गई है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है। याचिका में कहा गया है कि 10 अगस्त, 2017 के रिपोर्ट के मुताबिक राम दयाल शरण, महंत रामेश्वर दास, महंत गंगा दास, स्वामी गोविंदाचार्य, मोहम्मद फैक, मोहम्मद अछन मियां की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
याचिकाकर्ता के वकील विष्णु जैन के मुताबिक, जब यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित था उस दौरान महंत गंगा दास, स्वामी गोविंदाचार्य और मोहम्मद फैक की मौत हो गई थी। तब हाइकोर्ट ने इनके नाम पक्षकारों की सूची से हटा दिया था।
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सितंबर, 2010 को हाईकोर्ट का फैसला आया उसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। अब सुप्रीम कोर्ट से गुहार की गई है कि जिन लोगों की मौत हो चुकी है उनका नाम पक्षकारों की सूची से हटा दिया जाएं।
सनद रहे कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले पर पांच दिसंबर से सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। पिछली सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले से संबंधित जो भी दस्तावेज दूसरी भाषाओं में है उन्हें तीन महीने के भीतर अंग्रेजी में अनुवाद किया जाए। करीब 9 हजार पेज के दस्तावेज अलग-अलग भाषाओं में हैं।