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Ram Navami: 'सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के संकल्प को निरंतर नई ऊर्जा...', रामनवमी के अवसर पर PM मोदी का संदेश

Sun, 06 Apr 2025 07:44 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अयोध्या के रामलला के मंदिर में रामनवमी के अवसर पर सुबह छह बजे से ही दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया है। यह रात 11 बजे तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान रामलला का अभिषेक, श्रृंगार, राग-भोग, आरती और दर्शन का सिलसिला एक साथ चलेगा।
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PM Modi - फोटो : ANI
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विस्तार
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देशभर में आज धूमधाम से रामनवमी मनाई जा रही है। रामनवमी के अवसर पर अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्री राम जन्मभूमि दर्शन मार्ग को फूलों से सजाया गया है। श्रद्धालु पावन स्नान के लिए सरयू नदी के तट पर पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन यानी रामनवमी के पावन अवसर पर भक्त हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए उमड़ रहे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं।

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उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, 'सभी देशवासियों को रामनवमी की ढेरों शुभकामनाएं। प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का यह पावन-पुनीत अवसर आप सबके जीवन में नई चेतना और नया उत्साह लेकर आए, जो सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के संकल्प को निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करे। जय श्रीराम!'

यह भी पढ़ें- आज राम नवमी : तीन शुभ योग में होगा रामलला का सूर्य तिलक, चार मिनट तक पड़ती रहेंगी सूर्यदेव की किरणें

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रामलला के दरबार में रामजन्मोत्सव की तैयारियां पूरी
इस साल रामनवमी के दिन जब अयोध्या में रामलला का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, ठीक उसी समय सूर्य तिलक भी होगा। तीन शुभ योग रवि योग, सर्वार्थसिद्धि योग और सुकर्मा में रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर से पहले शनिवार को लगातार तीसरे दिन सूर्य तिलक का सफल ट्रायल किया गया। शनिवार की दोपहर ठीक 12 बजे सूर्य की किरणों ने रामलला के मस्तक को आलोकित किया और यह प्रक्रिया लगभग चार मिनट तक चली। 

सूर्य तिलक की प्रक्रिया चार मिनट तक चलेगी
रविवार को भी सूर्य तिलक की यही प्रक्रिया चार मिनट तक चलेगी। इसके लिए मंदिर के ऊपरी तल पर रिफ्लेक्टर और लेंस स्थापित किए गए हैं। ताकि सूर्य की किरणें सटीक रूप से रामलला के ललाट पर पहुंच सकें। सूर्य की रश्मियां लेंस के माध्यम से दूसरे तल के मिरर पर पहुंचेंगी और फिर इन किरणों का टीका 75 मिलीमीटर के आकार में रामलला के ललाट पर दैदीप्तिमान होगा। यह प्रक्रिया सूर्य की गति और दिशा पर निर्भर करेंगी। 
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धार्मिक कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण
सूर्य तिलक के साथ-साथ रामलला का अभिषेक, श्रृंगार और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण किया जाएगा, ताकि देश-दुनिया के भक्त इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बन सकें।

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