जमीन खरीद में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे राम मंदिर ट्रस्ट ने मंगलवार को इससे संबंधित रिपोर्ट केंद्र सरकार व आरएसएस को सौंप दी। गौरतलब है कि सपा और आप के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने जमीन खरीद मामले में ट्रस्ट से रिपोर्ट मांगी थी।
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में जमीन खरीद से संबंधित सारे दस्तावेज देने के साथ ही पूरी खरीद प्रक्रिया को बिंदुवार समझाया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि राम मंदिर के विरोधी राजनीतिक कारणों से ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। रिपोर्ट में संबंधित जमीन के आसपास की जमीन की वर्तमान कीमतों की भी जानकारी दी गई है। इसके अलावा सौदे की एक-एक जानकारी दी गई है। ट्रस्ट ने इसे विपक्ष की साजिश करार देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कुछ महीने बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव के कारण इस मुद्दे को तूल दिया जा रहा है।
सरकार और भाजपा सतर्क
मामले के तूल पकड़ने से सरकार और भाजपा सतर्क है। पूरी कोशिश है कि इसे राजनीतिक मुद्दा बनने से रोका जाए। भाजपा भी मान रही है कि पूरा मामला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़ा जा रहा है। विधानसभा चुनाव के कारण विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश करेगा। ऐसे में पार्टी और सरकार इस मामले का जल्द निपटारा करना चाहती है।