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राम मंदिर चढ़ावा गबन: 'पहले चोरी फिर पछतावा का दिखावा करना RSS का चरित्र', कांग्रेस ने केंद्र पर भी उठाए सवाल

Mon, 13 Jul 2026 02:15 PM IST
Asmita Tripathi पीटीआई, कन्नूर

सार

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अयोध्या मंदिर से जुड़े कथित गबन मामले में आरएसएस के खेद जताने को नाकाफी बताया। उन्होंने भाजपा और संघ पर आस्था के राजनीतिक व वित्तीय दुरुपयोग का आरोप लगाया। 
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केसी वेणुगोपाल, कांग्रेस नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अयोध्या मंदिर से संबंधित धन के कथित गबन पर आरएसएस की ओर से शोक व्यक्त किया गया है। यह चोरी करने के बाद पश्चाताप व्यक्त करने वाले चोर के समान है। इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस संसद में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगी।

वेणुगोपाल ने क्या कहा? 

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यहां पत्रकारों से बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि अयोध्या मंदिर में कथित गबन देश का सबसे बड़ा मुद्दा है। आरएसएस की ओर से इस मामले पर खेद व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पूछा, 'अगर कोई चोर चोरी करने के बाद पछतावा व्यक्त करता है, तो क्या मामला वहीं खत्म हो जाता है? अगर मंदिर की संपत्ति लूटने वाले लोग ही पछतावा जताते हैं, तो क्या इससे मुद्दा बंद हो जाता है? क्या यह आस्था पर ही हमला नहीं है?'

क्या है पूरा मामला? 
दरअसल, आरएसएस ने रविवार को कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित अपनी वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में कथित अनियमितताओं पर दुख व्यक्त किया। इसके साथ ही विश्वास जताया कि चल रही एसआईटी जांच और पुलिस कार्रवाई निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी।

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वेणुगोपाल ने कहा कि आरएसएस की ओर से खेद व्यक्त करने वाले बयान से वे आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने आरोप लगाया, 'कर्नाटक में अपने राष्ट्रीय सम्मेलन में आरएसएस ने कहा है कि उसे इस घटना पर खेद है। विश्व हिंदू परिषद के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक इस मामले में आरोपी है। इस मामले में कार्रवाई करने वाले ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की ओर से किया गया था। इसका गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीधे मार्गदर्शन में हुआ था।'

'अयोध्या का इस्तेमाल राजनीति के लिए किया जाता है'
उन्होंने कहा कि अयोध्या का इस्तेमाल दशकों से राजनीतिक अभियान के रूप में किया जाता रहा है। इसके साथ ही आरोप लगाया कि भाजपा और संघ परिवार वित्तीय लाभ और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए पूजनीय मंदिरों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया, 'पिछले कई दशकों से अयोध्या के नाम पर क्या दुष्प्रचार किया गया? हम सभी आस्थावान हैं। उन्होंने हमारी आस्था पर हमला किया है। न केवल अयोध्या में, बल्कि बद्रीनाथ और केदारनाथ में भी।'

पवित्र मंदिरों का दुरुपयोग किस लिए हो रहा है?
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और संघ परिवार हिंदू समुदाय के सबसे पवित्र मंदिरों का दुरुपयोग केवल उन्हें लूटने के उद्देश्य से कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया 'उनके लिए आस्था केवल मंदिर की संपत्ति लूटने या धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का एक साधन है। वे ईश्वर के प्रति भक्ति से प्रेरित होकर कार्य नहीं करते। वे धर्म का उपयोग या तो मंदिर की संपत्ति लूटने के लिए करते हैं या गरीब लोगों को हिंदू, मुसलमान और ईसाई के रूप में बांटने के लिए। यह बात अब सामने आई है,”

वेणुगोपाल ने क्या मांग की?
उन्होंने आगे दावा किया कि गरीब श्रद्धालुओं ने आस्था के कारण मंदिर में धन का दान किया था और उन निधियों का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया था। एक सवाल के जवाब में वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच की मांग की। वेनिगोपाल ने कहा कि संसद की बैठक 20 जुलाई से शुरू होगी और कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी।

उन्होंने आरोप लगाया, 'सबरीमाला का निर्माण भी उन्होंने नहीं करवाया। वह भी एक घिनौना खेल था। उनके लिए, धर्म के केवल दो ही उद्देश्य हैं। या तो लूटना या लोगों को बांटना। उनका कोई और इरादा नहीं है।' कांग्रेस नेता ने भाजपा पर धमकी और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के माध्यम से विपक्षी दलों में फूट डालने का भी आरोप लगाया।

 

 

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