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जितेंद्र मिश्रा एक फैसले से कैसे कांपा पाकिस्तान?: ऑपरेशन सिंदूर में निभाई भूमिका, एक आदेश ने बदला पूरा खेल

Wed, 02 Sep 2026 05:53 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला सीईओ नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ती के बाद से ही लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं। अगर आप भी उन लोगों में से हैं तो आपको इस आर्टिकल में सारी जानकारी मिल जाएगी। इसके साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे कि आखिर कैसे उनके एक फैसले से पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था। 
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जितेंद्र मिश्रा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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राम मंदिर में चंदा विवाद सामने आने के बाद ट्रस्ट के काम को अच्छे से करने के लिए बुधवार को एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) ट्रस्ट के सीईओ चुना गया। अयोध्या की मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। बैठक में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ ही आमंत्रित सदस्य भी मौजूद रहे। 

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देवरिया के रहने वाले हैं मिश्रा
जीतेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र स्थित भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने छह दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया था। अपने लंबे और गौरवपूर्ण सैन्य करियर में उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों पर उड़ान भरी और 3,000 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव हासिल किया। एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में कमांडिंग-इन-चीफ जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) की जिम्मेदारी भी संभाली। भारत के साथ-साथ अमेरिका और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके मिश्रा को बड़े संगठनों के संचालन, नेतृत्व और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का व्यापक अनुभव है।



ऑपरेशन सिंदूर को लेकर दी थी अहम जानकारी
पिछले दिनों एक इंटरव्यू में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने पहलगाम हमले के बाद भारतीय वायुसेना की तैयारियों और सैन्य अभियानों से जुड़ी कई बातें बताईं। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकार ने खुली छुट दी थी। यह फैसला सेना पर छोड़ दिया गया था कि वह युद्ध किस तरह लड़ेगी।  
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एस-400 ने 314 किलोमीटर दूर लक्ष्य को मार गिराया
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने इंटरव्यू में बताया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके एस-400 से जुड़े अधिकारी ने उनसे पूछा, शूट करें? और मैंने जैसे ही कहा कि हां शूट करो एस-400 ने 314 किलोमीटर दूर लक्ष्य को मार गिराया। मिश्रा ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और उसके बाद भी पाकिस्तान ने एस-400 की लोकेशन का पता लगाने के लिए भारत में जासूस तैनात किए थे। लेकिन जब वह यह काम नहीं कर पाए तो पाकिस्तान ने अपने स्लीपर सेल को सक्रिय कर दिया था।

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क्या वहां कोई हाई-वैल्यू टारगेट मौजूद था?
इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगा था कि उस स्थान पर कोई बेहद महत्वपूर्ण लक्ष्य मौजूद था, तो उन्होंने जवाब दिया,'हां, बिल्कुल। 100 प्रतिशत पक्की जानकारी थी।' जब उनसे विशेष रूप से पूछा गया कि क्या वहां हाफिज सईद मौजूद था, तो उन्होंने कहा,'मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।

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