किसान भेजेंगे 100 टन सब्जियां
हाल ही में राज्य का प्रगतिशील किसान संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री साय से मुलाकात करने पहुंचा था। उन्होंने किसानों के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को आने का न्योता दिया, साथ ही इस दौरान किसानों ने 100 टन सब्जियों को अयोध्या भेजने का प्रस्ताव भी रखा। इस प्रस्ताव का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवा ध्वज दिखाकर 11 ट्रकों को रवाना किया था। जिससे रामलला के मंदिर में होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के चावल से भगवान राम को भोग लगेगा। इसके साथ ही देश भर से आने वाले राम भक्तों को प्रसाद का भी वितरण किया जाएगा। 300 टन चावल का इंतजाम छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन की ओर से किया गया था। छत्तीसगढ़ में मिलने वाले सबसे अच्छे किस्म के चावल को भगवान राम के लिए भेजा गया है।
छत्तीसगढ़ और भगवान राम का नाता
अयोध्या से श्रीलंका तक की 14 साल की यात्रा में लगभग 248 ऐसे प्रमुख स्थल हैं, जहां भगवान श्रीराम ने या तो विश्राम किया या फिर उनसे उनका कोई रिश्ता जुड़ा है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव छत्तीसगढ़ का रहा है। 14 साल के वनवास के 10 साल भगवान श्रीराम ने यहां गुजारे हैं। भगवान राम की मां कौशल्या को भी छत्तीसगढ़ का ही बताया जाता है। छत्तीसगढ़ को प्राचीन काल में कोसल प्रदेश कहा जाता था, यहां की होने की वजह से उनका नाम कौशल्या पड़ा। रायपुर के चंदखुरी में राम भगवान को गोद में लिए कौशल्या माता की प्रतिमा मंदिर में स्थापित है। देश में माता कौशल्या का इकलौता मंदिर भी यहीं है।