टिकैत परिवार के साथ चौधरी अजित सिंह
- फोटो : स्पेशल अरेंजमेंट
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि चौधरी अजित सिंह के रूप में किसानों ने अपना बड़ा वकील हमेशा के लिए खो दिया है। उन्होंने कहा कि चौधरी अजित सिंह केवल किसानों की बात ही नहीं करते थे, बल्कि वे स्वयं एक किसान के रूप में उनके दुख-दर्द को समझते थे। उन्होंने कहा कि जब तक चौधरी अजित सिंह दिल्ली में रहते थे, किसानों को हमेशा यही लगता था कि दिल्ली में उनका एक और भी घर है जहां वे कभी भी जा सकते हैं और अपनी बात रख सकते हैं।
राकेश टिकैत ने यह प्रतिक्रिया आरएलडी नेता चौधरी अजित सिंह के निधन के बाद दी। गुरूवार को गाजीपुर के धरना स्थल पर मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए किसानों ने प्रार्थना की। किसान नेता को सम्मान देते हुए गाजीपुर का मंच एक दिन के लिए स्थगित रखा गया। टिकैत ने कहा कि किसानों ने अपनी आवाज उठाने वाला एक मसीहा हमेशा के लिए खो दिया है।
उन्होंने कहा कि जब 28 जनवरी को किसान आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया गया तब चौधरी अजित सिंह ने ही हौसला दिया और आंदोलन जारी रखने की बात कही। उन्होंने सीधे उन्हें फोन कर कहा कि सरकार किसी भी हद तक जाने की कोशिश करे, उसे जाने देना, लेकिन सरकार के कदमों से डरने की जरूरत नहीं हैं, उन्होंने उन्हें समझाया कि उन्हें अंत तक किसानों के हितों के लिए डटे रहना है। उन्होंने टिकैत को यह भी भरोसा दिलाया था कि वे इस लड़ाई में अंत तक साथ हैं।
(टिकैत परिवार के साथ चौधरी अजित सिंह, फोटो- स्पेशल अरेंजमेंट)