राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कवायद शुरू हो गई है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए राज्यसभा सचिवालय ने एक विशेष सेल बनाया है। गौरतलब है कि बुधवार से चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वहीं, राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी को 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। वह इस सेल के प्रमुख भी होंगे।
चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक बनाए गए इस विशेष सेल में राज्यसभा सचिवालय के टेबल ऑफिस के लगभग सभी अधिकारी शामिल हैं। विशेष कार्य अधिकारी मुकुल पांडे और राज्य सभा सचिवालय में संयुक्त सचिव सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी को चुनाव के लिए सहायक रिटर्निंग अधिकारी बनाया गया है।
संसद भवन में मिलेंगे नामांकन पत्र
राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र केवल संसद भवन में उपलब्ध होंगे, ऐसे में ये सेल फॉर्म मांगने वालों और नामांकन दाखिल करने वालों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाएगा। गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव पूरे देश में होगा, लेकिन मतगणना संसद में होगी। मतगणना प्रक्रिया में शामिल होने वाले राज्यसभा और लोकसभा दोनों सचिवालयों के अधिकारियों को चुनाव आयोग प्रशिक्षण दे रहा है।
उम्मीदवार को जमा करनी होगी 15,000 रुपये सिक्योरिटी
राष्ट्रपति चुनाव के लिए फॉर्म बुधवार से संसद में उपलब्ध होंगे। बता दें कि जो कोई व्यक्ति राष्ट्रपति चुनाव लड़ना चाहता है, उसे प्रस्तावक और अनुमोदक के रूप में 50 निर्वाचित प्रतिनिधियों की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही उम्मीदवार को 15,000 रुपये सिक्योरिटी के रूप में भी जमा करनी होती है।
कब तक पूरी होगी राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया?
15 जून को चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन की अंतिम तारीख 29 जून तक है। मतदान 18 जुलाई को होगा। वहीं नतीजे 21 जुलाई को आएंगे। इसके बाद 25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नए राष्ट्रपति को शपथ दिलाएंगे।
राष्ट्रपति चुनाव में वोट कौन डालता है?
राष्ट्रपति का चुनाव में लोकसभा, राज्यसभा के सभी सांसद और सभी राज्यों के विधायक वोट डालते हैं। इन सभी के वोट की अहमियत यानी वैल्यू अलग-अलग होती है। यहां तक कि अलग-अलग राज्य के विधायक के वोट की वैल्यू भी अलग होती है। एक सांसद के वोट की वैल्यू 700 होती है। वहीं, विधायकों के वोट की वैल्यू उस राज्य की आबादी और सीटों की संख्या पर निर्भर होती है। राज्यसभा के 12 मनोनीत सांसद इस चुनाव में वोट नहीं डाल सकते हैं।