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Rajya Sabha: क्या नवंबर में दिल्ली हवाई अड्डे पर साइबर हमला हुआ? संसद में उठा सवाल, तो सरकार ने बताई पूरी बात

Sun, 07 Dec 2025 12:36 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बीते नवंबर में दिल्ली हवाई अड्डे पर जीपीएस स्पूफिंग की घटना सामने आई थी, जिसके चलते 800 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई। दावा किया जा रहा है कि वह साइबर हमला था। संसद में जब इसे लेकर सवाल किया गया तो जानिए सरकार ने क्या जवाब दिया।
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क्या दिल्ली एयरपोर्ट पर हुआ साइबर हमला? - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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नवंबर में हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) के सर्वर में तकनीकी खराबी का मामला संसद में उठा है। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने हाल ही में राज्यसभा में इस बारे में सवाल किया, जिस पर सरकार ने जवाब में तकनीकी गड़बड़ी की बात को स्वीकार किया है और कहा है कि उसकी जांच चल रही है। सरकार ने कहा केंद्रीय जांच एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। 
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कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने राज्यसभा में पूछा सवाल
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने लिखित सवाल में पूछा कि क्या यह सच है कि 6-7 नवंबर को पूरे भारत में लगभग 800 उड़ानें एटीसी की सर्वर प्रणाली में तकनीकी खराबी के चलते बाधित हुई? क्या जांच में ये पता चला है कि एटीसी सर्वर में स्पूफिंग, हैकिंग या बाहरी दखलअंदाजी हुई और क्या सरकार इस घटना की जांच करने और एटीसी की कमजोरियों को दूर करने के लिए कोई विशेषज्ञ समिति गठित करने पर विचार कर रही है?

सरकार ने दिया ये जवाब
इसके जवाब में नागर विमानन मंत्रालय ने बताया कि 6 नवंबर को दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट ऑटोमेशन सिस्टम और हवाई यातायात सेवा संदेशों की प्रोसेसिंग और उनके वितरण में देरी हुई। सरकार ने बताया कि इसके चलते उड़ान योजना (एफपीएल), अनिवार्य उड़ान सूचना केंद्र (एफआईसी) संख्या जारी करने और वायु रक्षा मंजूरी सहित विभिन्न संदेशों के वितरण में भी देरी हुई। सरकार ने बताया कि घटना की केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है और फिर से ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए भी नई हवाई यातायात सेवा संदेश हैंडलिंग प्रणाली पर स्विच किया जा रहा है। 
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सरकार ने ये भी बताया कि घटना के बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को हवाई अड्डों पर सभी संचार और निगरानी उपकरणों की व्यापक जांच करने के निर्देश दिया गया है। इसकी भी जांच की जा रही है कि कहीं ये साइबर हमला तो नहीं था। कई विशेषज्ञ दावा कर रहे हैं कि यह साइबर हमला ही था। 
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क्या होती है जीपीएस स्पूफिंग?
जीपीएस स्पूफिंग में साइबर अपराधी एक वर्चुअल एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर बनाकर विमान को नकली सैटेलाइट सिग्नल भेजकर पायलट को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं। इससे गलत उड़ान डेटा, लोकेशन, मौसम और रनवे की गलत जानकारी देकर गुमराह किया जाता है। इससे उड़ानें प्रभावित होती हैं। 


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