Parliament Budget Session: बजट सत्र के सातवें दिन भी दोनों सदनों में जमकर हंगामा देखा जा रहा है। इस बीच राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि हम संसद बाधित करना नहीं चाहते, जिसके बाद नाराज सभापति ने उनको टोका और कहा कि सच्चाई बयान करें।
संसद के बजट सत्र का आज सातवां दिन है। पीएम मोदी आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे सकते हैं। इससे पहले राज्यसभा में बोलते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी को लोकसभा में ना बोलने देने का मुद्दा उठाया। राज्यसभा में खरगे ने कहा, 'संसद का मतलब लोकसभा और राज्यसभा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता देश के हितों पर बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। आप इस तरह से सदन कैसे चला सकते हैं?'
विज्ञापन
भाजपा पर बरसे खरगे, सभापति ने रोका
जिस पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने पूर्व के एक फैसले का हवाला देते हुए खरगे से कहा कि वे लोकसभा से संबंधित मुद्दों को उच्च सदन में न उठाएं। इसके बाद खरगे ने कहा, 'हम समझते हैं और सदन में व्यवधान नहीं डालना चाहते। पिछले चार दिनों से सदन का कामकाज ठप है, क्योंकि विपक्ष के प्रतिनिधि को बोलने नहीं दिया गया। संसद में केवल एक सदन नहीं होता। आप अपनी गलतियों को छिपाने के लिए एक सदन को पंगु नहीं बना सकते। आपने देश के साथ विश्वासघात किया और उसका अपमान किया। जब राहुल इसके बारे में बात करते हैं, तो 'आपको खुजली उठती है'।
लोकसभा की राज्यसभा में चर्चा नहीं हो सकती: नड्डा
जिस पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने आपत्ति जताते हुए कहा, लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती; आप यह बात अच्छी तरह जानते हैं।' इसके बाद सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, 'विपक्ष के नेता को पता होना चाहिए कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती।' उन्होंने आगे कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
विज्ञापन
इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'आज हम सभी उम्मीद करते हैं कि सभी सांसद सदन के नियमों और परंपराओं का पालन करेंगे। सभी सांसद आज प्रधानमंत्री का भाषण सुनने का इंतजार कर रहे हैं। आपके लोकसभा में विपक्ष के नेता (राहुल गांधी) सदन के नियमों का पालन नहीं करते।'
निर्मला सीतारमण ने भी खरगे को घेरा
वहं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खरगे की कथित 'लिंचिंग' टिप्पणी का विरोध करने के लिए राजस्थान के कन्हैया कुमार हत्याकांड का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने उन्हें यह कहते सुना कि आप लोग लिंचिंग करते हैं। मैं चाहती हूं कि यह शब्द हटा दिया जाए। मैं आपको याद दिला दूं, राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान एक दर्जी की लिंचिंग हुई थी और कोई कार्रवाई नहीं की गई। केरल में कांग्रेस सरकार के दौरान एक शिक्षक के हाथ काट दिए गए थे। उन्होंने क्या कार्रवाई की?' इस जोरदार बहस के बीच दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी हुई। विपक्षी सांसद विरोध जताते हुए सदन के वेल की ओर बढ़ते नजर आए।