देश में आगामी दिनों में 56 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। चुनाव 27 फरवरी को होंगे जिसके लिए 15 फरवरी तक नामांकन होना है। इनमें से 28 वो सीटें हैं जिनमें अभी भाजपा के सांसद है। हालांकि, इनमें से अब तक केवल चार लोगों को ही भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है।
धर्मेंद्र प्रधान और भूपेन्द्र यादव जैसे सात केंद्रीय मंत्रियों सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और निवर्तमान राज्यसभा सांसदों को पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, उनमें से कई लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
राज्यसभा (फाइल फोटो)
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महिला मोर्चा से तीन नए चेहरे
भाजपा ने 56 सीटों पर चुनाव के लिए 28 उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनमें कई नए चेहरों को जगह दी गई है। नए नामों में से तीन पार्टी के महिला मोर्चा से जुड़े हैं। इनमें बिहार की धर्मशीला गुप्ता, महाराष्ट्र की मेधा कुलकर्णी और मध्य प्रदेश की माया नारोलिया शामिल हैं।
28 निवर्तमान सांसदों में से भाजपा ने केवल चार को फिर से उम्मीदवार बनाया है। इनमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, दो केंद्रीय मंत्री और सुधांशु त्रिवेदी शामिल हैं। अश्विनी वैष्णव और एल मुरुगन ऐसे मंत्री हैं जो दोबारा उम्मीदवार बने हैं।
राज्यसभा
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ये पांच मंत्रियों दोबारा राज्यसभा के उम्मीदवार नहीं
उच्च सदन में पांच अन्य मंत्रियों राजीव चंद्रशेखर, मनसुख मंडाविया, परषोत्तम रूपाला, नारायण राणे और वी. मुरलीधरन का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। हालांकि इन्हें भाजपा ने दोबारा नामित नहीं किया है।
इसके अलावा पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को भी भाजपा दोबारा राज्यसभा नहीं भेज रही है। हालांकि, उनमें से कई आगामी लोकसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं।