उच्च सदन की आचार समिति ने 19 सांसदों के खिलाफ दाखिल 22 शिकायतों को खारिज कर दिया। समिति की दलील थी कि इन शिकायतों में सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके बाद सभापति वेंकैया नायडू ने राज्यसभा के अधिकारियों को आचार समिति के कामकाज की पूरी प्रक्रिया के प्रति सदस्यों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
सभापति ने साथ ही समिति के अध्यक्ष प्रभात झा को शिकायतें दाखिल करने के नियमों की दोबारा जांच करने का प्रस्ताव भेजा है। आचार समिति के कामकाज को लेकर पिछले हफ्ते हुई समीक्षा बैठक में सामने आया कि पिछले चार सालों में 19 सांसदों के खिलाफ आईं 22 शिकायतों को बिना जांच के लौटा दिया गया।
इनमें 17 सदस्य सदस्य सत्ता पक्ष और विपक्ष की आठ प्रमुख पार्टियों से और दो स्वतंत्र सदस्य थे। इन 22 शिकायतों में से 13 कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से, चार-चार शिकायतें गृह मंत्रालय और लोकसभा सचिवालय से आईं थीं और एक संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से राज्यसभा सचिवालय के पास भेजी गईं थीं।