शीत सत्र यानी 250वें सत्र में 80 सांसदों ने एक भी प्रश्न नहीं पूछा। इस दौरान कुल 19 दिन काम हुआ और 146 यानी 65 फीसदी सदस्यों ने सवाल पूछे। इसमें टीएमसी के डॉ. शांतनु सेन ने सात और विजय कुमार ने छह प्रश्न पूछे।
226 सांसदों का विश्लेषण
सर्वे में सभापति और 13 केंद्रीय मंत्रियों को छोड़कर शेष 226 सांसदों की भागीदारी का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि 249वें सत्र में 25 दिन काम हुआ जिसमें 177 यानी 75 फीसदी सदस्यों ने सवाल पूछे। 49 सदस्य ने एक भी प्रश्न नहीं किया। इस सत्र में विजय कुमार ने सर्वाधिक सात सवाल पूछे।
हर दिन 200 नोटिस, स्वीकार सिर्फ 15
राज्यसभा सचिवालय के अनुसार उन्हें तारांकित सवाल पूछने के लिए हर दिन लगभग 200 नोटिस मिलते हैं। लेकिन इनमें लॉटरी द्वारा 25 को चुना जाता है और फिर उनमें से सिर्फ 15 को तारांकित सवालों के रूप में स्वीकार किया जाता है। शेष अतारांकित प्रश्नों की श्रेणी में रखे जाते हैं। एक सदस्य को प्रतिदिन सिर्फ सात प्रश्नों का नोटिस देने का अधिकार है।