राज्यसभा सचिवालय ने इस संबंध में एक अधिसूचना भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि राज्यसभा अध्यक्ष ने ‘यह विधान मंडल नहीं चोर मंडल’ है, कहने वाले राज्यसभा सदस्य संजय राउत के मामले को परीक्षण, जांच और रिपोर्ट तैयार करने के लिए, राज्यों के परिषद की प्रक्रिया और कामकाज के नियम 203 के तहत विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है।
राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने महाराष्ट्र विधानसभा को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत की टिप्पणी से जुड़े मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया है। इससे पहले, महाराष्ट्र विधानसभा को 'चोर मंडल' कहने वाली आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राज्यसभा सासंद संजय राउत के खिलाफ महाराष्ट्र अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सभापति को विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपा था। जिसके बाद राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने यह कार्रवाई की है।
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राज्यसभा सचिवालय ने इस संबंध में एक अधिसूचना भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि राज्यसभा अध्यक्ष ने ‘यह विधान मंडल नहीं चोर मंडल’ है, कहने वाले राज्यसभा सदस्य संजय राउत के मामले को परीक्षण, जांच और रिपोर्ट तैयार करने के लिए, राज्यों के परिषद की प्रक्रिया और कामकाज के नियम 203 के तहत विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है।
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि संजय राउत के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष की ओर से 6 अप्रैल को विधानसभा के खिलाफ उनके बयान पर आया। इसमें सभापति से उचित जांच, कार्रवाई और निर्णय लेने का आग्रह किया गया था।
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गौरतलब है कि जब किसी विधायिका में विशेषाधिकार हनन का प्रश्न उठाया जाता है जिसमें किसी अन्य विधायिका का सदस्य शामिल होता है, तो पीठासीन अधिकारी को उस विधायिका के पीठासीन अधिकारी को मामले को संदर्भित किया जाना चाहिए। जिससे वह सदस्य संबंधित है और बाद वाले को इससे उसी तरह निपटना चाहिए जैसे कि यह उस सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन था।