सोशल मीडिया पर पॉर्नोग्राफी के मुद्दे पर राज्यसभा की तदर्थ समिति एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यह समिति पॉर्नोग्राफी का समाज और बच्चों पर पड़ने वाले असर को रेखांकित करेगी और इसे खत्म करने के लिए सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए ये सुझाव देगी।
सभापति वेंकैया नायडू के सुझाव पर पांच दिसंबर को कांग्रेस सदस्य जयराम रमेश की अगुवाई में एक औपचारिक समिति बनी थी। लेकिन समूह को आ रही संसाधनों की दिक्कतों को देखते हुए सभापति ने इसे तदर्थ समिति का रूप दे दिया।
समिति में अमर पटनायक, एमी याज्ञनिक, जया बच्चन, तिरुचि शिवा, कहकशा परवीन, डोला सेन, राजू रामचंद्रन, वंदना चव्हाण, संजय सिंह, वी राजूगौड़ा, रूपा गांगुली, विजला सत्यनाथ और प्रोफेसर विजय सहस्रबुद्धि होंगे। वेंकेया ने कहा, कमेटी एक माह में अपनी रिपोर्ट देगी।
इसके अलावा इस कमेटी पर राज्यसभा की संसदीय कमेटियों के नियम ही लागू होंगे। कमेटी को तय समय में अपनी रिपोर्ट देनी होगी इसका कार्यकाल बढ़ाया नहीं जा सकेगा।