राजस्थान के झालावाड़ जिले के शिक्षकों को सरकार ने लोगों को खुले में शौच करने से रोकने का काम सौंपा है। शिक्षकों से कहा गया है कि वो रोज सुबह 5 बजे अपने स्कूल के आस-पास के इलाकों के में जाए और लोगों में खुले में शौच करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए जागरुकता फैलाए। शिक्षकों से खुले में शौच करने वालों की फोटो खींचकर उसे विभाग के आला अधिकारियों को व्हाट्सएप्प पर भेजने को भी कहा गया है। राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे झालावाड़ इलाके से ही आती हैं।
यह आदेश तीन जून को जारी किया गया है। झालावाड़ के जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) लक्ष्मण कुमार मालावत ने बताया कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों और उनके कर्मचारियों को सुबह पांच बजे अपने क्षेत्र में जाने के लिए कहा गया है। मालावत ने कहा कि इस दौरान वे छात्रों और उनके माता-पिता को खुले में शौच के खतरों से अवगत करायेंगे और खुले में शौच करने वालों की तस्वीर लेंगे। महिला सरकारी शिक्षकों पर भी यह आदेश लागू होगा। शिक्षक संगठनों ने इस आदेश की कड़ी आलोचना की है।
झालावाड़ जिला शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष अजय जैन ने कहा कि शिक्षण की जगह शिक्षकों के लिए बस अब यही करना बाकी रह गया है।