सिल्वर स्क्रीन पर अभिनय के माध्यम से दर्शकों को गुदगुदाने वाले राजपाल यादव 'सर्व समभाव पार्टी' के बैनर तले अब राजनीति के रंगमंच पर उतर आए हैं। परिवार और भाइयों के सहयोग से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राजपाल यादव अपनी पार्टी लेकर उतर रहे हैं। गांव, किसान और समभाव के मुद्दे पर राजपाल यादव चुनाव लड़ने और मौजूदा सियासी चेहरे को बदलने की बात करते हैं। राजपाल यादव हाल में अमर उजाला डॉट कॉम के दफ्तर आए, इस मौके पर उन्होंने अपनी पार्टी की नीतियों चुनावी रणनीति के बारे में बेबाकी से बात की। आइए जानते हैं कि यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर क्या है राजपाल और उनकी पार्टी का एजेंडा...
राजनीति में आने का विचार कैसे बना?
हम डर-भय से मुक्त होकर जातिवाद की राजनीति को हटाना चाहते हैं। एक समुदाय की सरकार चल रही है तो दूसरा समुदाय डर रहा है, इसे खत्म करना चाहते हैं।
हम इनकी पार्टी ज्वाइन करते तो उनकी बड़ाई और उनकी पार्टी ज्वाइन करते तो इनकी बड़ाई करते, इसलिए हमने अपनी अलग पार्टी बनाई।
यूपी चुनाव में आपकी पार्टी का एजेंडा क्या है?
मैंने अपने दो भाइयों को 10-12 साल राजनीति सिखाई। जैसे मुझे अभिनेता बनने में 10-12 साल लगे, वैसे ही मेरे दोनों भाई अब नेता बनकर तैयार हैं। सर्व सम्भाव पार्टी की स्थापना वृंदावन में हुई। जो सेवा भाव से आई है। इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हमारे बड़े भाई श्रीपाल यादव हैं। राजेश यादव तिलहर विधानसभा से चुनाव से लड़ रहे हैं। छह भाइयों में दो भाई राजनीति के लिए, तीन भाई व्यापार के लिए और राजपाल यादव परिवार, व्यापार और प्रचार तीनों में हैं। प्रदेश में पिछले 15-20 साल से सिर्फ विवाद हो रहा है। एक योजना आती है तो दूसरा उसका विरोध कर रहे है। इसे देखते हुए हमने पार्टी बनाई। यह पार्टी पहले निर्माण की बात करती है। निर्माण का मंत्र संवाद के माध्यम से करने का प्रयास किया।
आपकी पार्टी और लोगों का ग्राउंड लेवल पर कितना जनमत है?
मैं इस चुनाव में परिवर्तन चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि किसी पार्टी की सरकार न बनकर जनता की सरकार बने। हम पार्टी के हिसाब से अपनी अपनी जनता चुन लेते हैं, मैं चाहता हूं कि ये जहर खत्म हो। जनता को स्वतंत्रता मिले। लोग वोट की कीमत समझे, नोट के चक्कर में वोट न बिके। गांव को स्मार्ट बनाकर प्रदेश का निर्माण कर सकते हैं। हर शहर के बंदे का गांव से तार जुड़ा होता है, गांव का निर्माण हो गया तो शहर भी आगे बढ़ जाएगा।
जनता मैं अभी शुरुआत कर रहा हूं। हम अपनी नीतियों को धीरे-धीरे जनता तक पहुंचाएंगे। सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से हम अपनी नीतियों को जनता
तक पहुंचाएंगे। हमें 2017 में मौका मिलता है तो भी मेंटली प्रिपेयर हैं या फिर दो महीने, दो साल या चार साल बाद भी मौका मिलता है तो हम जनता की सेवा करेंगे।
हम राजनीति की शुरुआत कर रहे हैं। हम दो-दो पांच करने के चक्कर में नहीं हैं। ये मोटी किताब है हम इसे एक-एक करके पढ़ना चाहेंगे।
कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे?
सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे और कुछ लोगों के खिलाफ सम्मान की वजह से उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। करीब 390 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और उम्मीदवार उतारेंगे।