रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) की दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को विशाखापट्टनम पहुंचे। आईएनएस डेगा पहुंचने पर, नौसेना प्रमुख (सीएनएस) एडमिरल करमबीर सिंह और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, ईएनसी वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन ने उनकी अगवानी की और उन्हें सलामी गारद दी।
एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि दौरे में राजनाथ सिंह को पूर्वी समुद्र तट में कमान की परिचालन तत्परता और समुद्री और तटीय सुरक्षा के अन्य प्रासंगिक पहलुओं से अवगत कराया जाएगा।
वह नई दिल्ली रवाना होने से पहले ईएनसी के जहाजों और पनडुब्बियों का दौरा करेंगे और नौसेना कर्मियों और असैन्य रक्षा कर्मियों के साथ उनकी बातचीत का भी कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
माना जा रहा है कि राजनाथ और जगन के बीच वैकल्पिक डॉकयार्ड (नौसेना के जहाज खड़े होने का अड्डा) निर्माण, तटीय सुरक्षा और रक्षा मंत्रालय के तहत विशाखापत्तनम में नागरिक उड्डयन को बढ़ाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा होगी।
तीनों सशस्त्र बलों द्वारा युद्ध-लड़ने वाली प्रणाली और गोला-बारूद के बारे में रक्षा मंत्री के समक्ष प्रस्तुतियां देने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि इससे तीनों सेनाओं को युद्ध-लड़ने वाली महत्वपूर्ण प्रणालियों की खरीद के संबंध में उनके मुद्दों पर जोर देने में भी मदद मिलेगी।
इस महीने की शुरुआत में सिंह ने मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ रक्षा खरीद के मुद्दों की समीक्षा की और उन्हें बलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी समाधान करने के निर्देश दिए।