अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडन के नेतृत्व वाली नवगठित सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार से बुधवार को पहली बार उच्चस्तरीय संपर्क किया।
अमेरिकी रक्षामंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) लॉयड ऑस्टिन ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अपने अमेरिकी समकक्ष जैक सुलिवन के साथ वार्ता हुई। टेलीफोन पर दोनों ही पक्षों की बातचीत आतंकवाद से लड़ाई जैसे अहम क्षेत्रीय और वैश्विक मसलों के अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के मुद्दे पर केंद्रित रही।
रक्षा मंत्री सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री की तरफ से की गई ‘इंट्रोडक्टरी टेलिफोन कॉल’ रिसीव की और दोनों नेताओं ने अपने देशों के बीच रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझीदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इससे पहले राजनाथ सिंह ने जनरल लॉयड को मंत्री बनाए जाने पर बधाई दी थी।
अधिकृत सूत्रों के मुताबिक, भूराजनीतिक घटनाक्रमों के बड़े बदलावों के लिहाज से चीन भी वार्ता में चर्चा का विषय रहा। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि रक्षा मंत्री लॉयड ने अपने मंत्रालय की तरफ से अमेरिका-भारत अहम रक्षा साझेदारी को लेकर प्रतिबद्धता बनाए रखने पर जोर दिया।
साथ ही गौर किया कि यह भागीदारी समान सिद्धांतों और हिंद प्रशांत क्षेत्र को मुक्त व खुला बनाए रखना सुनिश्चित करने के साझा हित पर आधारित है। रक्षा मंत्री सिंह ने बाद में ट्वीट के जरिये सभी को बातचीत की जानकारी भी दी।
उधर, विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि एनएसए डोभाल ने अमेरिकी अधिकारी से कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता सहित तमाम क्षेत्रीय और वैश्विक खतरे की चुनौतियों के लिए मिलकर काम करने की विशिष्ट स्थिति में हैं।
सुलिवन ने कहा कि अमेरिका द्विपक्षीय एजेंडे और साझा वैश्विक चुनौतियों पर भारत के साथ काम करने की तरफ देख रहा है।