कर्नाटक विधानसभा चुनावों में यदि भाजपा वापस सत्ता में लौटती है तो वह राज्य के किसानों का 1 लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ कर देगी। ये वादा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवर को किया।
224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में 12 मई को चुनाव है। भाजपा के लिए चुनाव प्रचार करते हुए यहां राजनाथ सिंह ने ये भी दावा किया कि कर्नाटक में 5 साल लंबे कांग्रेस शासन के दौरान 3800 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है।
राजनाथ सिंह ने कहा, कर्नाटक में भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाए गए बीएस येद्दुरप्पा जब पहले यहां भाजपा मुख्यमंत्री थे तो किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण मुहैय्या कराया गया था।
सिंह ने कहा कि सैकड़ों आत्महत्याओं के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आत्हत्या करने वाले किसानों के परिवारों के लिए मात्र 1 लाख रुपये की सहायता ही घोषित कर पाए। उन्होंने नारा लगाया, सिद्धा सरकार है कुंभकर्ण सरकार (सिद्धारमैया सरकार सोती हुई सरकार है)।
गृहमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के कर्नाटक में 5 साल के शासन के दौरान कानून-व्यवस्था की हालत सोचनीय थी। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान शीर्ष अधिकारी भी राज्य में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने केरल मॉडल को अपनाकर राज्य में राजनीतिक हिंसा का दौर शुरू किया है।
भाजपा सरकार बनी तो महिला अपराधों में विशेष जांच टीम
राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनी तो महिलाओं से जुड़े अपराधों की जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारी के ही नेतृत्व में विशेष जांच प्रकोष्ठ बनेगा। उन्होंने इसके लिए पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ाकर 33 प्रतिशत करने की बात कही।
लिंगायत को अल्पसंख्यक दर्जे पर किया कटाक्ष
राजनाथ सिंह ने कहा, अपने शासन के पहले 4 साल में कांग्रेस ने कर्नाटक में लिंगायत समुदाय को अल्पसंख्यक दर्जा देने की कोशिश नहीं की। लेकिन चुनाव से ठीक पहले ऐसा करते हुए उसने समाज को बांटने की कोशिश की है, क्योंकि वह येद्दुरप्पा की सत्ता में वपसी रोकना चाहती है।