केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि 18 सितंबर 2016 को 17 जवानों की जान लेने वाले उड़ी हमले से तत्कालीन रक्षामंत्री मनोहर परिकर काफी दुखी और गुस्से में थे। केंद्रीय गृहमंत्री ने यह बातें देश के पूर्व रक्षा मंत्री व गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर परिकर की शोकसभा के दौरान श्रद्धांजलि सभा में कही।
मनोहर परिकर संग बिताए लम्हों को याद करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि उड़ी हमले के बाद प्रधानमंत्री ने एक बैठक बुलाई। उस बैठक में परिकर के साथ थे। उड़ी हमले से परिकर काफी आहत हुए थे। साथ ही हमले को लेकर काफी नाराज और गुस्से में थे। उन्होंने एयरस्ट्राइक में भी अहम भूमिका निभाई थी।
पूरी रात उन्होंने एयरस्ट्राइक ऑपरेशन पर नजर रखी। देश द्वारा की गई दो एयरस्ट्राइक में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। परिकर को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि साल 2013 में उन्होंने देश के माहौल को भांप लिया था और राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उन्होंने तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भाजपा के प्रधानमंत्री के प्रत्याशी के तौर पर प्रस्तावित किया था। इसके साथ ही गृहमंत्री ने वन रैंक वन पेंशन, आईएफ में तेजस जैसा हलका लड़ाकू विमान को शामिल कराने व राफेल सौदे में उनकी अहम भूमिका का जिक्र किया। ।