यूपी में तीन चरण के चुनाव संपन्न हो गए, जबकि चौथे चरण के लिए आज वोटिंग हो रही है। बीजेपी, सपा और बसपा के प्रमुख नेताओं की जुबानी जंग तेज होती जा रही है। इसी बीच केन्द्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह का एक बयान पार्टी को मुश्किल में खड़ा कर सकती है। उन्होंने कहा है कि यूपी में पार्टी को मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देना चाहिए था।
बता दें कि यूपी चुनाव में बीजेपी ने एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है। एक अंग्रेजी न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पार्टी को यूपी में कोई जिताऊ मुस्लिम उम्मीदवार नहीं मिला हो।
बातचीत में राजनाथ ने आगे कहा, पार्टी कई अन्य राज्यों में अल्पसंख्यकों को टिकट दिए हैं। यूपी में भी इस पर बात होनी चाहिए। मैं वहां नहीं था, मुझे जो पता है, उसके आधार पर बोल रहा हूं। हो सकता है उन्हें (बीजेपी संसदीय दल को) कोई जीतने योग्य मुस्लिम उम्मीदवार नहीं मिले हों। लेकिन, मेरा मानना है कि फिर भी उन्हें मुसलमानों को टिकट मिलना चाहिए था।
यूपी में एक भी सांसद मुस्लिम नहीं
राजनाथ सिंह
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राजनाथ सिंह ने आगे कहा, 'हो सकता है कि यूपी कमिटी को कोई योग्य मुस्लिम उम्मीदवार नहीं मिला हो, लेकिन अगर कोई मिला होता तो हमारा नुकसान नहीं होता।" उन्होंने कहा कि पार्टी इस ओर ध्यान देगी और आने वाले समय में अल्पसंख्यक उम्मीदवार को तैयार करेगी।
हो सकता है कि राजनाथ के इस बयान से पार्टी इत्तेफाक नहीं रखे, लेकिन टिकट बंटवारे में जाति, क्षेत्र और समुदाय जैसे समीकरणों को लेकर भी खूब गुणा भाग किया गया।
371 सीटों पर बीजेपी को अल्पसंख्यक समुदाय से एक भी उम्मीदवार टिकट मिलने की योग्यता नहीं साबित कर पाया, ये थोड़ा हैरान करने वाला है। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा की भारी जीत हुई। खास तौर पर यूपी से। यहां से भाजपा को 72 सीटें मिलीं। लेकिन सत्ताधारी पार्टी का एक भी सांसद मुस्लिम नहीं है।