उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ आतंकवाद का पाकिस्तान का मॉडल धीरे-धीरे नष्ट हो रहा है। पाकिस्तान को आतंकवाद को राजकीय नीति बनाने की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक आतंकवाद निरोधक संस्था एफएटीएफ द्वारा पाकिस्तान को ‘काली सूची’ में डाल देना उस देश के लिए बहुत महंगा साबित होगा जो पहले ही वित्तीय संकट का सामना कर रहा है।
सिंह ने कह कि 26/11 के हमले ने भारत की सुरक्षा नीति को नई दिशा दी और तब से नौसैनिक तथा तटीय सुरक्षा ढांचे में आमूल-चूल बदलाव हुआ है। चीन के साथ सीमा विवाद पर उन्होंने कहा कि एलएसी की अवधारणा को लेकर मतभेद हैं तथा निर्दिष्ट प्रोटोकॉलों का उल्लंघन किए जाने पर समस्या सामने आती है।
उन्होंने कहा कि मैं सभी को आश्वासन देता हूं कि कोई भी भारत की एक इंच जमीन पर भी दावा नहीं कर सकता। पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव पर सिंह ने कहा कि भाजपा को दो तिहाई बहुमत मिलने की संभावना है।
सिंह ने करीब 45 मिनट के संवाद सत्र में किसानों के आंदोलन, भारत के रक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रम, जम्मू कश्मीर के हालात और मिश्रित युद्ध के खतरे जैसे विषयों पर भी बात की। उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद असैन्य-सैन्य समन्वय में काफी सुधार हुआ है। हम वहां सकारात्मक सुधार देख रहे हैं। इसी तरह उत्तर पूर्व में भी सुरक्षा परिदृश्य में लगातार सुधार हुए हैं।