गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नीरव मोदी और विजय माल्या मामले में विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बैंक फ्रॉड के कुछ मामले सामने आ रहे हैं। बीजेपी पर नीरव मोदी और माल्या को भगाने का आरोप लग रहा है।
राजनाथ ने कहा कि वो पूछना चाहते हैं कि इन व्यापारियों को जो पैसा मिला वो कहां से मिला और किसने दिलवाया? हमारी सरकार ने भगोड़ा आर्थिक अपराधियों के विधेयक को तैयार किया है और यह पहले ही संसद में पेश किया जा चुका है, इस बिल का अर्थ है विदेश भाग रहे आर्थिक अपराधियों की संपत्ति सरकार द्वारा जब्त की जा सकती है।
सरकार और विपक्ष के बीच सबसे बड़े बैंक धोखाधड़ी के मामले में बहस की रूपरेखा पर मतभेद जारी है। उपराष्ट्रपति
वेंकैया नायडू ने कहा था कि संसद में सबसे बड़ी धोखाधड़ी पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा है और बैंकिंग प्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं।
5 मार्च से शुरू हुए बजट सत्र के दूसरे हिस्से में लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी दलों की तरफ से पीएनबी समेत अन्य मुद्दों पर सदन की कार्यवाही बाधित की जा रही है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर उस नियम के तहत बहस कराना चाहते हैं जिसमें अंत में वोटिंग का प्रावधान है। वहीं सरकार चाहती है कि इस मुद्दे पर बहस बिना वोटिंग के संक्षिप्त बहस कराना चाहती है। एक कार्यक्रम में नायडू ने कहा था कि वह
पीएनबी धोखाधड़ी व अन्य मुद्दों पर चर्चा कराने के लिए सहमत हैं लेकिन दुर्भाग्य से चर्चा नहीं हो रही है।
इससे पहले भी गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी पार्टियों से संसद की कार्यवाही चलने देने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि संसद की कार्यवाही किसी हाल में नहीं रुकनी चाहिए। विपक्षी पार्टियां जिस मुद्दे पर बहस करना चाहती हैं, सरकार उसके लिए तैयार है।