फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

India-China: रक्षा मंत्री राजनाथ की दो टूक- भारत कभी नहीं झुकेगा; LAC विवाद पर बोले- चीन के साथ बातचीत जारी

Sun, 28 Apr 2024 06:03 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि भारत का रक्षा निर्यात आने वाले समय में और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि 2104 में हमने 600 करोड़ की रक्षा सामाग्री का निर्यात किया था लेकिन 2023-24 में यह आंकड़ा 21 हजार करोड़ रुपये को पार कर गया है।
विज्ञापन
राजनाथ सिंह - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत सैन्य रूप से एक शक्तिशाली देश बन गया है। हम अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं। यह कहना है कि देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का। अहमदाबाद में उन्होंने एक चुनावी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी द्वारा चीन को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भारत और चीन के बीच बातचीत सुचारू रूप से चल रही है। भारत कभी नहीं झुकेगा। मुझे लगता है कि हमें बातचीत के नतीजों का इंतजार करना चाहिए। मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत न कभी कहीं झुका है और न ही झुकेगा। 

विज्ञापन


आने वाले समय में और बढ़ेगा रक्षा निर्यात
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि भारत का रक्षा निर्यात आने वाले समय में और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि 2104 में हमने 600 करोड़ की रक्षा सामाग्री निर्यात की थी लेकिन आज 2023-24 में यह आंकड़ा 21 हजार करोड़ रुपये को पार कर गया है। मैं कह सकता हूं कि यह अभी और बढ़ेगा। मोदी सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि रक्षा वस्तुएं फिर चाहे वह मिसाइल हो, बम हो, टैंक हो या फिर कोई अन्य हथियार वह सिर्फ भारत में और भारतीयों द्वारा ही बनाई जानी चाहिए। 

यह है चीन-भारत सीमा विवाद का कारण 
मई 2020 में चीन की सैन्य घुसपैठ के चलते गलवान घाटी में विवाद बढ़ा, जो दशकों में भारत और चीन के बीच सबसे गंभीर सैन्य विवाद था। चीनी सेना के मुताबिक, दोनों पक्ष अब तक चार बिंदुओं गलवान घाटी, पैंगोंग झील, हॉट स्प्रिंग्स और जियानान दबन (गोगरा) पर पीछे हटने पर सहमत हुए हैं, जिससे सीमा पर तनाव कम करने में मदद मिलेगी। लेकिन देपसांग और डेमचोक में एक समान समझौते पर पहुंचने को लेकर बातचीत में गतिरोध आ गया, जहां भारतीय पक्ष ने दो लंबित मुद्दों के समाधान के लिए दबाव डाला।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें