रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर छात्रों को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार युवाओं के कल्याण और न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। विपक्ष को सड़कों पर हंगामा करने के बजाय संसद के मानसून सत्र में चर्चा करनी चाहिए।
संसद के मानसून सत्र के दौरान युवाओं और छात्रों के मुद्दे पर जारी सियासी घमासान के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग देश के छात्रों और युवाओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हथियार के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने इसे छात्रों को भटकाने का एक असफल प्रयास करार दिया। राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि भारत का समझदार युवा इन सभी कोशिशों को अच्छी तरह समझता है और वह विकास तथा राष्ट्र निर्माण का रास्ता ही चुनेगा।
#WATCH | Delhi: Defence Minister Rajnath Singh says, "...It is highly unfortunate that a few people are attempting to use the students and youth of our country as their political tool. Under the leadership of PM Modi, our Govt is committed to fulfilling the aspirations of the… pic.twitter.com/rP5eK6FBak
युवाओं के कल्याण और न्याय के लिए प्रतिबद्धता
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार छात्रों और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने तथा उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार युवाओं के प्रति संवेदनशील है और यह सुनिश्चित करेगी कि किसी के साथ, खासकर छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेता जनता के बीच बनावटी गुस्सा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
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सड़क पर हंगामे के बजाय संसद में चर्चा की सलाह
संसद के मानसून सत्र का हवाला देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष संसद के बजाय सड़कों पर समाधान ढूंढने का अनुचित प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में गंभीर है, तो उसे सत्र में हंगामा करने के बजाय सदन के भीतर मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।
सदनों की कार्यवाही स्थगित और विपक्ष का विरोध प्रदर्शन
संसद में मचे हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई, जबकि लोकसभा की कार्यवाही 23 जुलाई सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले दिन में विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।