रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा, भारत रक्षा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रह सकता है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के दूसरे हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) के प्रोडक्शन लाइन का उद्घाटन के बाद राजनाथ ने कहा, इस उद्घाटन से न सिर्फ आत्मनिर्भर भारत का हमारा संकल्प पूरा हुआ, बल्कि देश की सुरक्षा और वायुसेना की ताकत बढ़ेगी। इससे ये संदेश दुनिया के दूसरे देशों में जाएगा कि तकनीक और उत्पादन के क्षेत्र में हम आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं और इसके लिए भारत सरकार बेहद गंभीर है।
अपने संबोधन में रक्षामंत्री ने कहा, हम कब तक देश की सुरक्षा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहेंगे, हम लंबे समय तक निर्भर नहीं रह सकते। हम सभी का ये संकल्प है जो भी बनाना होगा उसे खुद बनाने की कोशिश करेंगे और सीमा व स्वाभिमान की सुरक्षा करेंगे। उन्होंने कहा, कई देशों की ओर से एलसीए तेजस एमके-1ए में रुचि दिखाई जा रही है और मैं आपको भरोसा देता हूं कि अन्य देशों से जल्द ही इसके लिए ऑर्डर मिलेंगे। उन्होंने कहा, तेजस न केवल स्वदेशी है, बल्कि अनेक मानकों पर अपने स्तर के विदेशी लड़ाकू विमानों से कहीं बेहतर है। इन मानकों में इंजन क्षमता, रडार सिस्टम के साथ-साथ कीमत भी है। करार के तहत वायुसेना को एलसीए तेजस की आपूर्ति मार्च, 2024 से शुरू होगी।
आज एयरो इंडिया शो में शामिल होंगे
रक्षा मंत्री ने ट्वीट कर यह भी बताया कि मैं तीन से पांच फरवरी से बंगलूरू में आयोजित होने वाले एयरो इंडिया शो में हिस्सा लूंगा, जिसका पूर्वाभ्यास बंगलूरू में किया गया। इसमें अमेरिकी विमान बी-1 लांसर भी शामिल होगा। भारत में अमेरिकी मामलों को देख रहे डॉन हेफलिन ने बताया, इस साल हवाई प्रदर्शन में हमारे अहम विमान बी-1 लांसर को प्रदर्शित किया जाएगा। पहली बार अमेरिका ने एयरो इंडिया में हिस्सा लिया है।
अगले 4 वर्षों में रक्षा निर्माण के क्षेत्र में 1.75 लाख करोड़ का लक्ष्य
राजनाथ ने कहा, मुझे यकीन है कि अगले 3-4 वर्षों में हम रक्षा निर्माण के क्षेत्र में 1.75 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। बीते 13 जनवरी को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सुरक्षा पर आयोजित कैबिनेट समिति की बैठक देश के सबसे बड़े स्वदेशी रक्षा समझौते को मंजूरी दी गई थी। एचएएल से यह करार 48 हजार करोड़ रुपये का है, जिसके तहत सैन्य बलों के लिए 83 एलसीए तेजस मार्क-1ए विकसित किए जाएंगे। इसमें 73 तेजस एमके-1ए और 10 एलसीए तेजस एमके-1 ट्रेनर विमान शामिल हैं।