कांग्रेस के गौरव गोगोई ने लोकसभा में कहा कि राजनाथ सिंह ने बहुत सारी जानकारी दी, लेकिन रक्षा मंत्री के रूप में यह नहीं बताया कि आतंकवादी पहलगाम में कैसे आए। राष्ट्रहित में ये सवाल पूछना हमारा कर्तव्य है। देश जानना चाहता है कि पहलगाम हमले को 100 दिन बीत चुके हैं, लेकिन यह सरकार आतंकवादियों को न्याय के कटघरे में नहीं ला पाई है।
'...झूठ बोला जा रहा है'
कांग्रेस सांसद ने कहा, 'हम आज राजनाथ सिंह जी से जानना चाहते हैं कि हमारे कितने लड़ाकू विमान गिराए गए। हमें यह सिर्फ जनता को ही नहीं, बल्कि अपने जवानों को भी बताना होगा, क्योंकि उनसे भी झूठ बोला जा रहा है।'
'अचानक 10 मई को हमें पता चला कि युद्धविराम हो गया है। क्यों?'
गोगोई ने कहा, 'पूरा देश और विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन कर रहे थे। अचानक 10 मई को हमें पता चला कि युद्धविराम हो गया है। क्यों? हम प्रधानमंत्री मोदी से जानना चाहते थे कि अगर पाकिस्तान घुटने टेकने को तैयार था, तो आप क्यों रुके और किसके सामने आत्मसमर्पण किया? अमेरिकी राष्ट्रपति ने 26 बार कहा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को युद्धविराम की घोषणा करने के लिए मजबूर किया।'
'आतंक पर एक शब्द बोलना चाहिए था'
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'पहलगाम हमले को 100 दिन हो गए हैं, लेकिन यह सरकार उन पांच आतंकवादियों को पकड़ नहीं पाई है। आज आपके पास ड्रोन, पेगासस, सैटेलाइट, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ हैं। रक्षा मंत्री कुछ दिन पहले वहां गए थे, फिर भी आप उन्हें पकड़ नहीं पा रहे हैं। बैसरन, जहां हमला हुआ था, वहां एम्बुलेंस पहुंचने में लगभग एक घंटा लग गया। सेना पैदल आई थी। मैं वो दृश्य नहीं भूल सकता, जब एक मां और उसकी बेटी ने एक भारतीय सैनिक को देखा, वे रोने लगीं। उन्हें लगा कि बैसरन में लोगों को मारने वाला सैनिक की वर्दी पहने आतंकवादी उनका इंतजार कर रहा है। उस सैनिक को कहना पड़ा कि वह एक भारतीय है और आप सुरक्षित हैं। वहां के लोगों में इसी तरह का आतंक था। राजनाथ जी, आपको इस आतंक पर एक शब्द बोलना चाहिए था।'
'पीएम मोदी पहलगाम नहीं गए, हमारे नेता राहुल गांधी गए'
गोगोई ने कहा, 'आखिर में पहलगाम हमले की जिम्मेदारी कौन लेता है? जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल। अगर किसी को जिम्मेदारी लेनी है, तो वह केंद्रीय गृह मंत्री हैं। केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्र सरकार उपराज्यपाल के पीछे नहीं छिप सकते। सरकार इतनी कमजोर और कायर है कि उसने कहा कि टूर ऑपरेटर लोगों को उनकी अनुमति या लाइसेंस के बिना बैसारन ले जाने के लिए जिम्मेदार हैं। प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब से वापस आ गए, लेकिन उन्होंने पहलगाम का दौरा नहीं किया। उन्होंने एक सरकारी कार्यक्रम में भाग लिया और बिहार में एक राजनीतिक रैली को संबोधित किया। अगर कोई पहलगाम गया, तो वह हमारे नेता राहुल गांधी थे।'
राजनाथ ने क्या कहा?
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर लोकसभा में चर्चा की शुरुआत की। राजनाथ ने कहा, 'भारत ने न केवल अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि अपनी राष्ट्रीय दृढ़ता, नैतिकता और राजनीतिक कुशलता का भी परिचय दिया है। भारत अब किसी भी आतंकी हमले का निर्णायक और स्पष्ट उत्तर देगा। अब आतंकवाद को आश्रय और समर्थन देने वालों को कोई शरण नहीं मिलेगी। भारत किसी भी तरीके से किसी भी तरह के परमाणु ब्लैकमेलिंग या अन्य दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।