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Aero India: 'छोटे तोपखाने से ब्रह्मोस मिसाइल तक कर रहे निर्यात'; राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत पर दिया जोर

Wed, 12 Feb 2025 05:04 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू

सार

Rajnath Singh: राजनाथ सिंह ने कहा कि, आज हम छोटे तोपखानों से लेकर ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणाली जैसे बड़े प्लेटफॉर्म तक सब कुछ निर्यात कर रहे हैं। आज हमारा देश परिवर्तन के क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है। 
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राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत परिवर्तन के क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है। देश के लड़ाकू विमान, मिसाइल प्रणाली, नौसैनिक जहाज न सिर्फ हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं बल्कि पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन रहे हैं।  रक्षा मंत्री ने कहा, आज हम छोटे तोपखानों से लेकर ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणाली जैसे बड़े प्लेटफॉर्म तक सब कुछ कई देशों को निर्यात कर रहे हैं। इससे न सिर्फ हमारा रक्षा निर्यात बढ़ रहा है, बल्कि विभिन्न देशों के साथ हमारी नई साझेदारियां भी वैश्विक स्तर पर विकसित और मजबूत हो रही हैं। रक्षा मंत्री ने इसका श्रेय दृढ़ संकल्प और हितधारकों के भरोसे को दिया। उन्होंने यहां एयरो इंडिया 2025 के स्वदेशीकरण कार्यक्रम और समापन समारोह में यह बात कही।  
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 व्हीलचेयर पर सिद्धरमैया, उठने की कोशिश की तो उनके पास पहुंचकर मिले राजनाथ
कार्यक्रम के दौरान व्हीलचेयर पर पहुंचे कर्नाटक के सीएम सिद्धरमैया ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने के लिए खड़े होने की कोशिश की तो राजनाथ ने उन्हें इशारे से रोका और खुद उनके पास पहुंच गए। घुटने में चोट की वजह से सिद्धरमैया व्हीलचेयर पर पहुंचे थे।

राजनाथ सिंह ने पांच देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं
 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को यहां एयरो इंडिया 2025 शिखर सम्मेलन के दौरान जिम्बाब्वे, यमन, इथियोपिया, गाम्बिया और गैबॉन के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। जिम्बाब्वे की रक्षा मंत्री ओप्पा मुचिंगुरी काशिरी के साथ बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने मौजूदा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा की और जिम्बाब्वे के सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण, सैन्य पाठ्यक्रम और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की।

इसके अनुसार दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और विश्वास व्यक्त किया कि इससे संबंधों में और प्रगाढ़ता आएगी। उन्होंने एमओयू को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए रक्षा मंत्रियों के बीच नियमित संपर्क के महत्व को रेखांकित किया।

समुद्री हवाई क्षेत्र में स्वदेशी समाधान अपनाने की गुंजाइश-  नौसेना प्रमुख
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कहा कि समुद्री हवाई क्षेत्र में घरेलू उद्योग के लिए स्वदेशी समाधान अपनाने की गुंजाइश है। इस क्षेत्र में क्षमताओं के पैमाने, संश्लेषण और दायरे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने घरेलू उद्योग से नौसेना के साथ मिलकर स्वदेशी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। नौसेना प्रमुख ने कहा, व्यापक अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए मैं घरेलू उद्योग को हमारे साथ मिलकर आविष्कार, नवाचार, स्वदेशीकरण और समाधानों को एकीकृत करने के लिए आमंत्रित करता हूं। नौसेना के लिए उद्योग उत्पादों के बारे में नहीं बल्कि साझेदारी के बारे में है, कंपनियों के बारे में नहीं बल्कि सहयोग के बारे में है।

भारत का रक्षा निर्यात के आने वाले पांच साल में बढ़कर तिगुना होने की उम्मीद
भारत की विकसित की गई ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल दुनियाभर के कई देशों का ध्यान आकर्षित कर रही है। दुनिया के कई देश इस आधुनिक हथियार प्रणाली को खरीदना चाहते हैं। कुछ मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों सहित खासतौर से इंडोनेशिया ने भी इस मिसाइल को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। यह बात भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष समीर वी कामत ने कहीं।

भविष्य का युद्ध इंसानों-मशीनों के बीच होगा-  सीडीएस
 चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि पीढ़ियों से युद्ध इंसानों के बीच होता रहा है, लेकिन आज हम इसे फिर से परिभाषित करने की कगार पर हैं। भविष्य में युद्ध इंसानों और मशीनों के बीच हो सकता है और बाद में यह पूरी तरह से स्वायत्त मशीनों के बीच हो सकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध बहु-क्षेत्रीय होता जा रहा है, जिसका अर्थ है कि युद्ध एक साथ कई क्षेत्रों में लड़े जाएंगे। चौहान ने जोर देकर कहा कि जैसे-जैसे युद्ध अधिक जटिल होते जा रहे हैं, क्रॉस-डोमेन ऑपरेशन और क्रॉस-डोमेन कमांड के लिए तकनीक विकसित करने की आवश्यकता उभर रही है। भविष्य के युद्ध के साथ प्रौद्योगिकियों को जोड़ना युद्ध में जीत हासिल करने का एकमात्र समाधान नहीं है।  

 

जनरल अनिल चौहान ने तकनीकी प्रगति के पूरक के रूप में नई अवधारणाओं और सिद्धांतों को विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। एयरो इंडिया 2025 में भविष्य के संघर्षों के साथ प्रौद्योगिकियों को जोड़ने के विषय पर हुए सेमिनार में चौहान ने कहा, भविष्य के युद्ध के लिए नए संगठन स्थापित करने होंगे और एक नई संस्कृति और प्रक्रियाएं बनानी होंगी। प्रौद्योगिकी सिर्फ समाधान का एक हिस्सा प्रदान करेगी।
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भारत में बनेगा हवा से जमीन पर मार करने वाला हैमर
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांस की सफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस ने भारत में हवा से जमीन पर मार करने वाले सटीक निर्देशित हथियार ‘हैमर’ निर्माण को लेकर करार किया है। इसमें विनिर्माण, अनुकूलन, बिक्री और रखरखाव के लिए संयुक्त उद्यम बनाया जाएगा। हैमर (हाइली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज) एक युद्ध-सिद्ध हथियार प्रणाली है जो अपनी उच्च सटीकता और मॉड्यूलर डिजाइन के लिए जानी जाती है। यह राफेल और एलसीए तेजस समेत कई प्लेटफार्मों के लिए अनुकूल है। एयरो इंडिया-2025 में बीईएल के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक मनोज जैन और सफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस के सीईओ फ्रैंक साउडो की उपस्थिति में बीईएल के निदेशक (विपणन) केवी सुरेश कुमार और सफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष एलेक्जेंडर जिग्लर ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
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