रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी आक्रामकता को देखते हुए शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए लेह का दौरा करेंगे।
बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच कल यानी मंगलवार को चुशुल सेक्टर में कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी।
सैन्य अधिकारियों के बीच इस बैठक का तीसरा दौर 12 घंटे तक चला और रात 11 बजे खत्म हुआ। सैन्य सूत्रों ने बताया कि चीन के अड़ियल रवैये के चलते एलएसी पर गतिरोध को खत्म करना एक जटिल प्रक्रिया हो गई है।
शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में एलएसी के पास लगभग दो डिवीजनों (लगभग 20,000) की तैनाती की है। इसके अलावा चीन ने एक और टुकड़ी (10,000 सैनिक) को उत्तरी शिनजियांग प्रांत में तैनात किया है, जो लगभग 1,000 किलोमीटर की दूरी पर है और समतल इलाका होने के कारण उसे हमारे मोर्चे तक पहुंचने में अधिकतम 48 घंटे का समय लगेगा।
सूत्रों ने कहा कि भले ही भारत और चीन छह सप्ताह से अधिक समय से कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बात कर रहे हैं, लेकिन इस मोर्चे पर चीन की ओर से सैनिकों की संख्या या उपकरणों में कोई कमी नहीं आई है।