गुजरात सरकार की विशेष जांच टीम राजकोट गेम जोन में आग लगने की घटना की जांच कर रही है। इस घटना में 27 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना से जुड़े 25 से अधिक लोगों से अब तक पूछताछ की गई है। साथ ही कई दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
25 मई को गुजरात के राजकोट के गेम जोन में आग लग गई थी। गेम जोन में आग लगने से 27 लोगों की मौत हुई। आग लगने की घटना के बाद पुलिस घटना की जांच में लगी हुई है। पुलिस ने अब तक तीन साझेदारों और टीआरपी गेम ज़ोन मैनेजर सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
वहीं राज्य सरकार द्वारा विशेष जांच टीम एसआईटी का गठन किया। एसआईटी प्रमुख वरिष्ठ आईपीएस सुभाष त्रिवेदी ने बताया "राज्य सरकार ने हमें स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि किसी के साथ अन्याय न हो। उन्होंने बताया कि हमने प्रारंभिक जांच की है। खेल क्षेत्र से संबंधित सभी प्रासंगिक दस्तावेजों को जब्त किया जा चुका है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जांच में आग के कारणों का पता लगाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को ढूंढा जा रहा है। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार चाहती है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। अब तक 25 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
बता दें कि एसआईटी में तकनीकी शिक्षा आयुक्त बीएन पाणि, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, गांधीनगर के निदेशक, एचपी सांघवी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, अहमदाबाद, जेएन खड़िया और सड़क और भवन विभाग के अधीक्षण अभियंता एमबी देसाई शामिल हैं। राजकोट पुलिस द्वारा एक अलग जांच की जा रही है, जिसने टीआरपी गेम ज़ोन चलाने वाले धवल कॉर्पोरेशन के धवल ठक्कर, रेसवे एंटरप्राइजेज के पार्टनर युवराजसिंह सोलंकी और राहुल राठौड़ और गेम ज़ोन मैनेजर नितिन जैन को गिरफ्तार किया है।
गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा था कि एसआईटी ने जांच के लिए गेम जोन से संबंधित सभी फाइलें जब्त कर ली हैं। वर्ष 2021 से 2024 तक की सभी प्रासंगिक फाइलें मेरी उपस्थिति में एसआईटी ने विभिन्न विभागों से जब्त की। वहीं राज्य सरकार ने सोमवार को राजकोट के पुलिस आयुक्त राजू भार्गव, दो अन्य आईपीएस अधिकारियों और नगर निगम आयुक्त आनंद पटेल का तबादला कर दिया।