कांग्रेस ने राजीव गांधी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे छह दोषियों को समय से पहले रिहा करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पूरी तरह से अस्वीकार्य और पूरी तरह से गलत करार दिया है। पार्टी ने कहा कि शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे पर भारत की भावना के अनुरूप काम नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रहे नलिनी श्रीहरन और आर पी रविचंद्रन समेत छह दोषियों को समय से पहले रिहा करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि मामले के दोषियों में से एक ए जी पेरारीवलन के मामले में शीर्ष अदालत का फैसला उनके मामले में समान रूप से लागू होता है।
जयराम रमेश ने फैसले को बताया पूरी तरह गलत
एक बयान में कांग्रेस महासचिव प्रभारी संचार जयराम रमेश ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के बाकी हत्यारों को छोड़ने का सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पूरी तरह से अस्वीकार्य और पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसकी स्पष्ट रूप से आलोचना करती है और इसे पूरी तरह से अक्षम्य मानती है। यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर भारत की भावना के अनुरूप काम नहीं किया।
वहीं, जब कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी से प्रियंका गांधी वाड्रा के हत्यारोपी नलिनी से मुलाकात और सोनिया गांधी द्वारा पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के दोषियों पर बयान के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी अपने निजी विचारों की हकदार हैं। लेकिन सबसे बड़े सम्मान के साथ पार्टी इस फैसले से सहमत नहीं है और अपना दृष्टिकोण स्पष्ट कर दिया है।
सिंघवी ने कहा कि हम उस दृष्टिकोण पर कायम हैं क्योंकि हमारे अनुसार देश की संप्रभुता, अखंडता, राष्ट्र की पहचान एक मौजूदा या पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या से जुड़ी होती है। शायद इसीलिए केंद्र सरकार भी इस संबंध में राज्य सरकार के विचार से कभी सहमत नहीं हुई।
नलिनी श्रीहरन के परिवार में जश्न का माहौल
राजीव गांधी हत्याकांड के छह दोषियों को रिहा करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने नलिनी श्रीहरन के परिवार को खुशी से भर दिया है, जिसने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षा के बाद मिली आजादी परमानंद से कम नहीं है। नलिनी की मां एस पद्मा ने कहा कि खुशी की भावना को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। यह असीम आनंद है और परमानंद के अलावा कुछ भी नहीं है। नलिनी और परिवार के बाकी सदस्यों ने तीन दशकों से अधिक समय तक जो पीड़ा, दुख और दर्द सहा है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत द्वारा नलिनी और अन्य को रिहा करने से न्यायपालिका में उनके परिवार का विश्वास फिर से कई गुना मजबूत हुआ है। नलिनी ने पैरोल नियमों का हवाला देते हुए अपनी रिहाई पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पद्मा ने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है। नलिनी श्रीहरन (उर्फ मुरुगन) की पत्नी है और दंपति की एक बेटी है जो लंदन में रहती है।
पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के छह दोषियों में से एक नलिनी श्रीहरन के समर्थकों ने वेल्लोर में उनके आवास के पास पटाखे फोड़ें और मिठाई बांटी।
राजीव गांधी हत्याकांड में नलिनी श्रीहरन सहित छह दोषियों को रिहा करने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला खुशी की बात है, उनके वकील पी पुगलेंथी ने शुक्रवार को ये बात कही। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला याद दिलाता है कि राज्यपाल को कैबिनेट की सिफारिश पर काम करना चाहिए और कैदियों को रिहा करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के 1981 के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया कि संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत कैदियों को छूट देने और रिहा करने की शक्ति राज्य सरकार के पास है। इसलिए राज्यपाल कैबिनेट के फैसले का समर्थन करने के लिए कर्तव्यबद्ध है।