सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के सात दोषियों को रिहा करने संबंधी तमिलनाडु सरकार के पत्र पर केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर निर्णय लेने को कहा है।
तमिलनाडु सरकार ने 2 मार्च, 2016 को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि उसने सात दोषियों को रिहा करने का निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट के 2015 के एक आदेश के तहत इन दोषियों को रिहा करने से पहले राज्य सरकार को केंद्र से अनुमति लेना आवश्यक है।
न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) पिंकी आनंद को राज्य सरकार के पत्र का जवाब तीन महीने के भीतर देने के लिए कहा है।