पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के दोषी पेरारिवलन ने सुप्रीम कोर्ट में एक नयी याचिका दायर की है। इस याचिका में उच्चतम न्यायालय के साल 1999 के फैसले पर रोक लगाने की डिमांड रखी गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार यानि 24 जनवरी को सीबीआई को एक नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही कोर्ट ने केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 21 फरवरी को होगी।
गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार (23 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के सात दोषियों को रिहा करने संबंधी तमिलनाडु सरकार के पत्र पर केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर निर्णय लेने को कहा था।
बता दें कि तमिलनाडु सरकार ने 2 मार्च, 2016 को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि उसने सात दोषियों को रिहा करने का निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट के 2015 के एक आदेश के तहत इन दोषियों को रिहा करने से पहले राज्य सरकार को केंद्र से अनुमति लेना आवश्यक है।
न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) पिंकी आनंद को राज्य सरकार के पत्र का जवाब तीन महीने के भीतर देने के लिए कहा।