महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पुलिस की नौकरी छोड़ राजनीति में आने वाले पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर राजेश पडवी ने नंदूबार के शहादा से जीत हासिल की है। भाजपा के टिकट चुनाव जीतने वाले पडवी ने कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पद्माकर वाल्मीकि को 7000 वोटों को अंतर से हराया। जबकि चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे तीन सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों को हार का सामना करना पड़ा।
महाराष्ट्र पुलिस की नौकरी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे
पडवी चुनाव से कुछ दिन पहले महाराष्ट्र पुलिस की नौकरी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वह अपने गृह जिले नंदूबार के शहादा से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। मुंबई के उपनगर अंधेरी पुलिस स्टेशन में पडवी की आखिरी पोस्टिंग थी। 2014 के विधानसभा चुनाव में पडवी के पिता उदयसिंह पडवी ने भाजपा के टिकट पर शहादा से महज 719 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी।
अंधेरी पुलिस स्टेशन में सीनियर इंस्पेक्टर राजेश काले ने अपने पूर्व सहयोगी पडवी की जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि हम दोनों ने कुछ समय के लिए एक साथ किया था। वह एक अच्छे पुलिस अफसर थे। पडवी के बैचमेट और क्राइम ब्रांच के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर निनाद सावंत ने भी पडवी के विधायक बनने पर खुशी का इजहार किया है। सावंत और पडवी दोनों कालेज के दिनों के दोस्त हैं। सावंत ने कहा कि पडवी के साथ काम करने वाले सभी साथी उनकी जीत पर खुश हैं। हम उम्मीद करते हैं कि वह अपने क्षेत्र के विकास में योगदान देंगे।
‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ शर्मा हारे
भले ही पडवी चुनाव जीत गए हैं, लेकिन तीन पूर्व पुलिस अधिकारियों को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इनमें सबसे प्रमुख चेहरा ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ नाम से मशहूर रहे प्रदीप शर्मा का है। शिवसेना के टिकट पर मुंबई के नालासोपारा से मैदान में उतरे शर्मा चुनाव हार गए। शर्मा के अलावा शमशेरखान पठान और गौतम गायकवाड़ भी चुनाव हारने वाले सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं।