देश के हर भाग में जल स्तर का गिरना चिंता का कारण बना हुआ है लेकिन वर्षा जल का बेहतर संचयन कर राजस्थान ने अपने जल स्तर में औसतन पांच फुट तक का सुधार किया है। इससे दूसरे राज्यों को भी वर्षा जल का बेहतर उपयोग करने की प्रेरणा मिली है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने राजस्थान की सफलता को देखते हुए इसे सभी राज्यों को अपनाने को कहा है।
जल स्तर में हुए सुधार का यह परिणाम हुआ है कि जहां राजस्थान सूखे के लिए जाना जाता था, अब यहां हरियाली लौट आई है। पीने के पानी की कमी झेलने वाले राजस्थान के 63 फीसदी हैंडपंपों में पानी दोबारा लौट आया है।
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के चौथे चरण की शुरुआत करते हुए राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया ने कहा कि राज्य के जलस्तर में हुई वृद्धि का असली श्रेय राजस्थान की जनता को जाता है। उन्होंने कहा कि वर्षा जल के बेहतर संचयन से जल स्तर में सुधार हुआ है जिससे स्थानीय लोगों के जीवन में खुशी लौट आई है।
पानी की कमी के कारण किसान खेती नहीं कर पा रहे थे, मवेशी नहीं पाल रहे थे, लेकिन अब वे ऐसा कर पा रहे हैं जिससे उनकी कमाई बढ़ी है। इससे उनका जीवन स्तर सुधरा है।