प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय की बुलंदियां हों, रेगिस्तान का विस्तार हो, घने जंगल हों या फिर समंदर की गहराई हो, हर चुनौती पर हमेशा आपकी वीरता भारी पड़ी है।
आपके इसी शौर्य को नमन करते हुए आज भारत के 130 करोड़ देशवासी आपके साथ मजबूती से खड़े हैं। हर भारतवासी को अपने सैनिकों की ताकत और शौर्य पर गर्व है। उन्हें आपकी अजेयता पर, आपकी अपराजेयता पर गर्व है। दुनिया की कोई भी ताकत हमारे वीर जवानों को देश की सीमा की सुरक्षा करने से रोक नहीं सकती है।
सतर्कता ही सुरक्षा की राह
मोदी ने कहा, ''इतिहास हमें बताता है कि केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहे हैं, वही राष्ट्र आगे बढ़े हैं,जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की क्षमता थी।भल ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ा हो, समीकरण बदल गए हों लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते है कि सतर्कता ही सुरक्षा की राह है, सजगता ही सुख-चैन का संबल है। सामर्थ्य ही विजय का विश्वास है, सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है।''
चीन पर साधा निशाना
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चीन का नाम लिए बिना ही उस पर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान हैं। विस्तारवाद, एक तरह से मानसिक विकृति है और अठ्ठारहवीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है। इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है।मोदी ने कहा कि दुनिया जान भी रही है और समझ भी रही है कि भारत अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर समझौता करने वाला देश नहीं है। उन्होंने जवानों से कहा कि भारत का ये रुतबा, ये कद आपकी शक्ति और आपके पराक्रम के ही कारण है। आपके जज्बे के कारण ही भारत वैश्विक मंचों पर प्रखरता से अपनी बात रखता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''हाल ही में हमारी सेनाओं ने निर्णय लिया है कि वो 100 से ज्यादा हथियारों और साजो-सामान को विदेश से नहीं मंगवाएगी। मैं सेनाओं को इस फैसले के लिए बधाई देता हूं। सेना के इस फैसले से देशवासियों को भी लोकल के लिए वोकल होने की प्रेरणा मिली है। मैं आज देश के नौजवानों से देश की सेनाओं के लिए निर्माण करने का आह्वान करता हूं। हाल के दिनों में अनेक स्टार्ट्स-अप्स सेनाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए आगे आए हैं। डिफेंस सेक्टर में नौजवानों के नए स्टार्ट-अप्स देश को आत्मनिर्भरता के मामले में और तेजी से आगे ले जाएंगे।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत की रणनीति साफ है। आज का भारत समझने और समझाने की नीति पर विश्वास करता है, लेकिन अगर हमें आजमाने की कोशिश होती है, तो जवाब भी उतना ही प्रचंड मिलता है। सीमा पर रहकर आप जो त्याग करते हैं, तपस्या करते हैं, वो देश में एक विश्वास पैदा करता है। ये विश्वास होता है कि मिलकर बड़ी से बड़ी चुनौती का मुकाबला किया जा सकता हैं।
मोदी ने संग्रहालय का दौरा किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसलमेर के लोंगेवाला पोस्ट पर संग्रहालय केंद्र का दौरा किया।
अर्थव्यवस्था को गति देने का पुरजोर प्रयास जारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपसे मिली इसी प्रेरणा से देश महामारी के इस कठिन समय में अपने हर नागरिक के जीवन की रक्षा में जुटा हुआ है। इतने महीनों से देश अपने 80 करोड़ नागरिकों के भोजन की व्यवस्था कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही देश अर्थव्यवस्था को वापस गति देने का भी पुरजोर प्रयास कर रहा है।