PM Narendra Modi gives Rs 50K to Kota orphans
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोटा के एक अनाथ भाई-बहन के लिए 50,000 रुपये का तोहफा दिया है। बता दें कि नोटबंदी के दौरान नोटों के बदलने की समयसीमा समाप्त होने के एक महीने बाद इन भाई-बहन को 96,500 रुपये मिले थे, जिससे वो ये नोट बैंक से नहीं बदलवा पाएं थे। मामले में भाई-बहन ने पीएम मोदी को खुला पत्र लिख करके उनसे मामले को निपटाने के लिए कहा था।
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री के विवेकाधीन फंड (पीएमडीएफ) से स्वीकृत धन के अलावा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के तहत बीमा किए गए दोनों बच्चों के लिए पांच साल की अवधि के लिए अग्रिम राशि 1710 रुपये का बीमा प्रीमियम जारी किया है। दोनों पीड़ितों भाई 17 वर्षीय सूरज बंजारा और उनकी नौ वर्षीय बहन सलोनी को यह सहायता मंजूर की गई है। यह दोनों बहन-भाई कोटा के एक अनाथ आश्रय में रहते हैं।
इन बच्चों की ओर से लिखे गए पत्र के जवाब में मोदी ने बच्चों को एक पत्र लिख कहा कि आप दोनों की समस्याओं के समाधान के लिए मंजूर राशि और बीमा प्रीमियम राशि पर्याप्त नहीं हो सकती है। पत्र में पीएम ने आगे कहा कि लेकिन मुझे यकीन है कि इस तरह की मदद से आपकी समस्याएं कुछ हद तक कम तो जरूर हो जाएंगी।
गौरतलब है कि आरबीआई ने इतनी बड़ी संख्या के नोटों को बदलने में असमर्थता जताई थी। जिसके बाद 25 मार्च को 500 रुपये और 1000 रुपये के 171 नोटों को बदलने के लिए बच्चों ने मदद के लिए प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिख ममद की गुहार लगाई थी। प्रधानमंत्री की ओर से शुक्रवार जारी पत्र में कहा गया कि आपके पत्र के माध्यम से अपने वर्तमान सत्तारूढ़ राज्य के बारे में जानने के बाद मैं आपसे सहानुभूति रखता हूं। मामले में कोटा के बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष हरीश गुरुबक्षानी ने पुष्टि की है कि बच्चों को 6 जून को प्रधानमंत्री का पत्र मिला है। पीएम की ओर से मंजूर धन भी कोटा में ही भाई-बहनों के बैंक खाते में जमा कर दिया गया है।
भाई सूरज ने कहा कि हमने उम्मीद करके पीएम को पत्र लिखा था कि वह हमारी शिकायत सुनेंगे। आखिरकार उसने हमारी बात सुन ली है। उसने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सहायता कुछ हद तक नुकसान की भरपाई करने में हमारी मदद करेगी। क्योंकि हम पहले पैसे बदल नहीं पाए थे। बता दें कि कोटा के कुछ सामाजिक संगठनों ने भी कुछ महीने पहले बहन-भाई को 25,000 रुपये का दान दिया था।