राजस्थान में अलवर के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में सात माह की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी लड़के (19) को अलवर की स्पेशल कोर्ट ने मौत की सजा सुना दी। एससी-एसटी और पॉक्सो एक्ट के विशेष जज जगेंद्र अग्रवाल ने कहा कि जिसकी मानसिकता सात माह की बच्ची से दुष्कर्म की हो उसे सिर्फ जेल की सजा देकर नहीं छोड़ सकते। वह फिर किसी को शिकार बना सकता है। उसके लिए मृत्युदंड ही उचित है।
73 दिन पुरानी इस घटना में पुलिस ने 20 जून को चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने 14 सुनवाई कर 22 दिन में ही फैसला कर दिया। फैसला सुनकर दोषी के चेहरे पर कोई शिकन तक नजर नहीं आई।
उल्लेखनीय है कि गत 9 मई को पिंटू डाकोत ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। वह बच्ची को खिलाने के बहाने उसकी ताई से ले गया था। काफी देर तक नहीं लौटने पर तलाश शुरू हुई। फुटबॉल मैदान में बच्ची लहूलुहान मिली। लोगों को देख पिंटू भाग गया। बाद में उसे पकड़ लिया गया।