राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार की कैबिनेट का गठन हो गया है। 3 दिसंबर को आए चुनाव नतीजों के 27 दिन बाद आखिरकार राजस्थान में सरकार ने पूरा स्वरूप ले लिया। भजनलाल सरकार के 22 मंत्रियों ने शनिवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। इससे पहले मुख्यमंत्री के साथ दो उप मुख्यमंत्रियों ने शपथ ली थी। इस तरह से 15 नेताओं ने कैबिनेट, पांच ने राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और पांच ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली है।
नई कैबिनेट की औसत उम्र करीब साढ़े 55 साल है। सभी 25 मंत्री करोड़पति हैं।
आइये जानते हैं कैबिनेट के बारे में सब कुछ...
कितनी उम्रदराज है भजन लाल कैबिनेट?
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की नई कैबिनेट की औसत उम्र 55 साल छह महीने है। 40 साल के सुरेश सिंह कैबिनेट की सबसे युवा मंत्री हैं। वहीं 72 साल के करोड़ी लाल मीणा कैबिनेट के सबसे उम्रदराज मंत्री हैं। छह मंत्रियों की उम्र 50 साल से कम है। 12 मंत्रियों की उम्र 51 से 59 साल के बीच है। वहीं, सात मंत्री ऐसे हैं, जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है।
Rajasthan Cabinet
- फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar
कैबिनेट के मंत्रियों के पास कितनी संपत्ति?
भजन लाल की नई कैबिनेट में सभी 25 मंत्री करोड़पति हैं। लोहावट सीट से जीते गजेंद्र सिंह ने अपने चुनावी हलफनामे में कुल संपत्ति 29 करोड़ रुपये बताई है। गजेंद्र कैबिनेट में सबसे अधिक संपत्ति वाले मंत्री हैं।
झाड़ोल सुरक्षित सीट से जीते बाबूलाल खराड़ी कैबिनेट के सबसे कम सम्पत्ति वाले मंत्री हैं। खराड़ी के पास 40.67 लाख रुपये की संपत्ति है। कश्यप मध्य प्रदेश के सबसे अमीर विधायक भी हैं।
कैबिनेट की औसत संपत्ति की बात करें तो हर मंत्री के पास औसतन 7.08 करोड़ रुपये की संपत्ति है। 17 मंत्री ऐसे हैं, जिनके पास एक से पांच करोड़ रुपये की संपत्ति है। इनमें संजय शर्मा, डॉ. मंजू बाघमारे, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा, मदन दिलावर, सुरेंद्रपाल सिंह, जवाहरसिंह बेढम, किरोड़ी लाल मीणा, हेमन्त मीणा, सुरेश सिंह, सुमित गोदारा, गौतम कुमार, जोराराम कुमावत, झाबर सिंह खर्रा, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, ओटाराम देवासी, अविनाश गहलोत और बाबूलाल खराड़ी शामिल हैं।
तीन मंत्री ऐसे हैं जिनके पास पांच करोड़ से ज्यादा और दस करोड़ से कम की संपत्ति है। इनमें हीरालाल नागर जोगाराम पटेल और विजय सिंह शामिल हैं।
पांच मंत्री ऐसे हैं, जिनके पास 10 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। इनमें गजेंद्र सिंह केके विश्नोई, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, कन्हैयालाल और राज्यवर्धन राठौर शामिल हैं।
सबसे अमीर तीन मंत्रियों में गजेंद्र सिंह, केके विश्नोई और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी शामिल हैं। गजेंद्र सिंह के पास कुल 29.07 करोड़ रुपये की संपत्ति है। वहीं, केके के पास 21.7 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि उप मुख्यमंत्री दिया के पास 19.19 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति है।
कितनी पढ़ी लिखी है मध्य प्रदेश की नई कैबिनेट?
उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा और मंजू बाघमारे कैबिनेट के सबसे पढ़े लिखे मंत्री हैं। दोनों ने पीएचडी की हुई है। सबसे कम शिक्षा प्राप्त मंत्री जोराराम कुमावत हैं। जोरारा पांचवीं पास हैं। वहीं, मंत्री बाबूलाल खराड़ी 10वीं पास जबकि गौतम कुमार 12वीं पास हैं।
सात मंत्रियों के पास स्नातक की डिग्री है। इनमें राज्यवर्धन राठौर, हीरालाल नागर, विजय सिंह, संजय शर्मा, सुरेंदरपाल सिंह, हेमंत मीणा, झाबर सिंह खर्रा शामिल हैं। छह मंत्रियों के पास पेशेवर स्नातक की डिग्री है। इनमें गजेंद्र सिंह, जोगाराम पटेल, जवाहरसिंह बेढ़म, किरोड़ी लाल, सुरेश सिंह और अविनाश गहलोत हैं।
दो मंत्रियों के पास स्नातकोत्तर की डिग्री है। इनमें सुमित गोदारा और खुद मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा शामिल हैं।
कुल 25 मंत्रियों में से दो ने खुद को एडवोकेट बताया है। 14 मंत्रियों ने किसानी के साथ व्यापार, पेंशन या राजनीति को भी अपनी आय का जरिया बताया है।
ओटा राम देवासी ने खुद को पुजारी बताया है और उन्हें पेंशन मिलती है। राज्यवर्धन राठौड़ पेशेवर खिलाड़ी होने के साथ-साथ पूर्व सरकारी कर्मी हैं। वहीं मंजू बाघमार प्रोफेसर हैं। मुख्यमंत्री भजन लाल कई तरह के कारोबार करते हैं। सुरेश सिंह को राजस्थान विधानसभा से वेतन मिलती है।
किन मंत्रियों पर चल रहे आपराधिक मामले?
आठ मंत्रियों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। इनमें जवाहरसिंह बेढ़म, कन्हैयालाल, झाबर सिंह खर्रा, हीरालाल नागर, भजन लाल शर्मा, संजय शर्मा, किरोड़ी लाल और मदन दिलावर शामिल हैं।
नई कैबिनेट में सबसे ज्यादा 14 मामले मदनलाल दिलावर पर चल रहे हैं। वहीं, किरोड़ी लाल पर 12 मामले चल रहे हैं। पांच मंत्रियों जवाहरसिंह, कन्हैयालाल, झाबर सिंह, हीरालाल और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा पर एक-एक मामला दर्ज हैं। संजय शर्मा के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं। 17 मंत्री ऐसे हैं, जिन पर कोई मामला दर्ज नहीं है।