राजस्थान भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि, भाजपा की ओर से निकाली जा रही चार परिवर्तन यात्राओं में राजे पहली बार पार्टी का चेहरा नहीं हैं। ऐसे में परिवर्तन यात्रा से ठीक एक दिन पहले राजे के देव दर्शन कार्यक्रम के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। राजे की देव दर्शन यात्रा को उनके प्रदेश में खुद को हिंदूवादी चेहरे के तौर पर पेश करने के रूप में भी देखा जा रहा है। इस एक दिवसीय धार्मिक यात्रा में राजे एक जगह पर डेढ़ से दो घंटे ही रुकेंगी। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक जुट सकते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी को राजे की चुनौती
भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में निकलने वाली परिवर्तन यात्रा के रूट को अंतिम रूप दिया जा रहा था तब चर्चा थी कि राजे एक या दो रूट पर यात्रा का नेतृत्व करेंगी। राजे को सवाईमाधोपुर से शुरू होने वाली पहली परिवर्तन यात्रा की जिम्मेदारी दी जा रही है। वहीं, डूंगरपुर के बेणेश्वर धाम से शुरू हो रही दूसरी यात्रा की कमान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के हाथ में रहेगी। लेकिन राजे दूसरी परिवर्तन यात्रा की जिम्मेदारी चाहती थीं। इसी यात्रा के रूट में उनका अपना निर्वाचन क्षेत्र झालावाड़ भी शामिल है।
वे पूर्वी राजस्थान वाली यात्रा की जिम्मेदारी नहीं चाहती थीं, क्योंकि इस क्षेत्र में ईआरसीपी के मुद्दे के कारण बीजेपी की स्थिति भी अच्छी नहीं है। राजे का मानना था कि यह स्थिति केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के कारण हुई है। ऐसे में वो क्यूं इस यात्रा की जिम्मेदारी अपने ऊपर लें। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी भी बेणेश्वर धाम से शुरू होने वाली दूसरी परिवर्तन यात्रा की कमान अपने पास ही रखना चाहते थे। ऐसे में 1 सितंबर को राजे जिन-जिन जगहों पर जाएंगी, वो सभी जगह दूसरी परिवर्तन यात्रा के रूट में आती हैं। यहां कम समय में ज्यादा भीड़ एकत्र करके राजे एक तरह से सीधे तौर पर सीपी जोशी को चुनौती देती हुई नजर आएंगी। क्योंकि मेवाड़ मूलत प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी का क्षेत्र माना जाता है।
प्रदेश के चार बड़े धार्मिक स्थलों से निकल रही है भाजपा की परिवर्तन यात्रा
भाजपा ने राजस्थान के चार बड़े धार्मिक स्थानों त्रिनेत्र गणेश मंदिर, बेणेश्वर धाम, रामदेवरा धाम और गोगामेड़ी से इन यात्राओं को शुरू करने का फैसला किया है। यह सीधे-सीधे करोड़ों लोगों की आस्था को छूने का प्रयास है। 2 सितंबर को भाजपा की परिवर्तन यात्रा शुरू होगी। यह सभी 200 सीटों पर निकाली जाएगी। पार्टी आदिवासी, दलित, किसान, युवा और महिला वर्ग के लिए चौपाल लगाएगी। चौपाल में इन वर्गों से जुड़ी कांग्रेस सरकार की योजनाओं की विफलता को बताया जाएगा। भाजपा नेता आंकड़ों-तथ्यों के माध्यम से पिछले 5 वर्ष में पेपर लीक, भ्रष्टाचार, बलात्कार, हत्या जैसे मुद्दे उठाएंगे।
परिवर्तन यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम
- पहली यात्रा 2 सितंबर से निकाली जाएगी। इसे हरी झंडी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा दिखाएंगे। यह यात्रा रणथंभौर (सवाई माधोपुर) के त्रिनेत्र गणेश मंदिर से शुरू होगी। यह 47 विधानसभा सीटों को कवर करेगी। ये 18 दिन चलेगी और लगभग 1847 किलोमीटर का इलाका कवर करेगी।
- दूसरी यात्रा 3 सितंबर को बेणेश्वर धाम (डूंगरपुर) से शुरू होगी। इसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रवाना करेंगे। यह यात्रा 19 दिन में 2433 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कुल 52 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी।
- तीसरी यात्रा 4 सितंबर को रामदेवरा (जैसलमेर) से शुरू होगी। इसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रवाना करेंगे। यह यात्रा सबसे बड़ा इलाका कवर करेगी। यह 18 दिन तक लगभग 2574 किलोमीटर चलेगी। यह यात्रा 51 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी।
- चौथी यात्रा गोगामेड़ी (हनुमानगढ़) से शुरू होगी। इसे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी रवाना करेंगे। यह 18 दिन तक चलेगी और 50 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी।