राजस्थान का 14 साल के बालक विशाल के अंगदान से चार लोगों को नई जिंदगी मिली है। एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल विशाल को 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उसके परिजनों ने अपने लाड़ले के अंगदान का फैसला किया।
जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सुधीर भंडारी ने बताया कि विशाल की दोनों किडनी सवाई मानसिंह चिकित्सालय में जबकि लीवर महात्मा गांधी अस्पताल में दूसरे मरीजों को प्रत्यारोपित किया गया। वहीं ह्रदय व फेफड़े चेन्नई के अपोलो अस्पताल में 46 वर्षीय महिला को प्रत्यारोपित किए जाएंगे। डॉ. भंडारी ने बताया कि ह्रदय व फेफड़ों को सोमवार देर रात तीन बजे ग्रीन कॉरिडोर की सहायता से सवाई मानसिंह अस्पताल से हवाई अड्डा पहुंचाया गया।
26 जनवरी को हुई थी बाइक दुर्घटना
गौरतलब है कि जयपुर के पास बस्सी का रहने वाला विशाल 26 जनवरी अपने तीन दोस्तों के साथ बाइक से जा रहा था। तभी उनके आगे चल रही बस के चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे बाइक बस से टकरा गई तथा हेलमेट नहीं पहनने की वजह से विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया और डाक्टरों ने 31 जनवरी को हालत नाजुक होने के कारण परीक्षण किए गए और विशाल को 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों द्वारा परिजनों को समझाने बुझाने के बाद परिवार के सदस्य विशाल के अंगदान करने पर सहमत हो गए।
मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने जताया परिजनों का आभार
राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने इस फैसले के लिए विशाल के परिजनों का आभार जताया। उन्होंने अंगदान को सबसे बड़ा दान बताया और कहा कि एक व्यक्ति अंगदान कर कई लोगों की जिंदगियां बचा सकता है।