रैलियों में लैपटॉप के जरिए प्रजेंटेशन देते राज ठाकरे
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मुंबई स्थित ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी अमेजन के कार्यालय में तोड़फोड़ की है। बता दें कि मनसे अमेजन की एप में मराठी भाषा को शामिल करने की मांग कर रही है। खास बात ये है कि अमेजन विवाद मामले में दिंडोशी कोर्ट ने गुरुवार को ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे को नोटिस भेजकर 5 जनवरी से पहले अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है।
'नो मराठी, नो अमेजन'
मनसे कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मुंबई में अमेजन के ऑफिस में घुसकर तोड़फोड़ की। मुंबई पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। पुणे में भी मनसे कार्यकर्ता 'नो मराठी, नो अमेजन' की मांग पर आक्रमक हो गए। इस बीच, मनसे के एक कार्यकर्ता ने कहा कि अगर राज्य में ऑनलाइन व्यवसाय करना है, तो मराठी भाषा में ही ऑनलाइन जानकारी दी जानी चाहिए, जिससे महाराष्ट्र के मराठी लोगों के लिए पढ़ना और ऑर्डर करना आसान हो।
कार्यकर्ता ने कहा कि अमेजन के मुकदमा दाखिल करने के बाद जो नोटिस एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे को भेजा गया है, वो गैरकानूनी है और अमेजन को मराठी भाषा में ऑनलाइन जानकारी पोर्टल पर देनी ही पड़ेगी, नहीं तो जिस तरह पुणे के कोंढवा इलाके में अमेजन के ऑफिस में तोड़फोड़ हुई, वैसी ही तोड़फोड़ अन्य जगह भी देखने को मिलेगी।
क्या है विवाद
अमेजन ने मनसे और उसके समर्थकों के खिलाफ दीवानी मुकदमा दायर किया है। मुकदमे के अनुसार मनसे ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि अगर मराठी को अपने मोबाइल एप्लीकेशन या वेबसाइट पर पसंदीदा भाषाओं में से एक के रूप में शामिल नहीं किया गया तो वह मुंबई में उसकी सेवाओं को अवरुद्ध कर देंगे। मनसे का कहना था कि मराठी का विकल्प मिलने से मराठी बोलने वाले लोगों को सुविधा होगी और वह आसानी से अपनी जरूरत की सामग्री वेबसाइट पर बुक कर सकेंगे। हालांकि अमेजन की तरफ से कोई जवाब नहीं मिलने के बाद मनसे ने उसके विरोध में मुहिम छेड़ दी थी।