केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के आह्वान को लेकर मनसे प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधा। अठावले ने कहा कि मनसे नेता को इस मुद्दे पर अपने कठोर रुख से कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा। सोलापुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख ने यह भी कहा कि शिवसेना के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ओबीसी कोटा मुद्दे पर अपना मामला सुप्रीम कोर्ट में पेश करने में विफल रही है।
राज ठाकरे ने दिया था अल्टीमेटम
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने पहले राज्य सरकार को तीन मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने हिंदुओं से बुधवार को लाउडस्पीकरों के जवाब में हनुमान चालीसा बजाने की अपील की थी। भाजपा नीत राजग की सहयोगी पार्टी आरपीआई के अध्यक्ष अठावले ने कहा कि लाउडस्पीकर पर कोई अन्यायपूर्ण रुख अपनाने की जरूरत नहीं है।
अठावले बोले- राज ठाकरे को नहीं होगा फायदा
उन्होंने कहा कि इस रुख से राज ठाकरे को कोई राजनीतिक लाभ नहीं होगा। वह अलग-अलग रुख रखते रहे हैं, लेकिन उन्हें कभी कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिला। उन्होंने राज ठाकरे को सलाह दी कि इस तरह का कठोर रुख अपनाकर समाज में दरार पैदा न करें। अठावले ने दावा किया कि राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़ने के बाद नीले, सफेद, हरे और भगवा रंगों को अपनी पार्टी के झंडे में शामिल किया, लेकिन उन्होंने अब अचानक भगवा रंग अपना लिया है और समाज में विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने कहा कि भगवा रंग विवाद पैदा नहीं करता है, यह विवादों को सुलझाता है। भगवा रंग शांति का प्रतीक है। यह पूछे जाने पर कि क्या राज ठाकरे दिवंगत शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की नकल कर रहे हैं, अठावले ने कहा कि मनसे प्रमुख बालासाहेब की नकल नहीं कर सकते क्योंकि वह एक अलग तरह के नेता थे। राज ठाकरे के राकांपा प्रमुख शरद पवार के जातिवादी होने के दावे पर अठावले ने कहा कि पवार व्यक्तिगत रूप से जातिवादी नहीं हैं। लेकिन कुछ राकांपा सदस्य जातिवादी हैं।