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महाराष्ट्रः बिजली के मुद्दे पर ठाकरे बनाम ठाकरे में जंग, अशोक चव्हाण ने भी उठाए सवाल

Thu, 26 Nov 2020 10:53 PM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, मुंबई
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उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे - फोटो : पीटीआई
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महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार के एक साल पूरे होने से पहले ही उन पर दबाव बढ़ गया है। राज्य में लॉकडाउन के दौरान बढ़े हुए बिल से जनता को राहत दिलाने के लिए भाजपा के बाद अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) भी सड़क पर उतर गई है। मनसे ने बिजली उपभोक्ताओं से लॉकडाऊन के दौरान के बिल का भुगतान न करने की अपील कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इससे सूबे में ठाकरे बनाम ठाकरे के बीच नई जंग की शुरूआत हुई है।

महाराष्ट्र की महाआघाड़ी सरकार ने पहले घोषणा की थी कि उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत दी जाएगी। लेकिन उसके बाद सरकार अपने वादे से मुकर गई। इसके बाद भाजपा ने बिजली बिल की होली जलाकर राज्यव्यापी आंदोलन किया। बृहस्पतिवार को मनसे के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतरे।

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मुंबई में मनसे कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला और उपनगर जिलाधिकारी को बिजली बिल माफ करने संबंधी मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे का पत्र सौंपा। वहीं, पुणे के शनिवार वाड़ा किले पर भी जोरदार प्रदर्शन किया गया।

कोरोना लॉकडाउन के बीच शहर में धरना और प्रदर्शन पर रोक लगी हुई है, इसके बावजूद आज सैकडों की संख्या में मनसे कार्यकर्ता हाथ में झंडे और तख्तियां लेकर किले पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने दो दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें फारस खना पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। इसी तरह नासिक और औरंगाबाद में भी मनसे ने जोरदार आंदोलन किया।

मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार ने बिजली बिल पर जजिया कर लगाया है और जनता की लूट शुरू की है। हमने जनता का आह्वान किया है कि वे बिजली बिल अदा न करें। यदि किसी का बिजली कनेक्शन कटा तो मनसे कार्यकर्ता इसका जवाब देंगे।

नितिन ने जल्दबाजी में किया फैसला- अशोक चव्हाण

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बिजली बिल के मुद्दे पर शुरू राजनीति के बीच पीडब्लूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने अपनी ही पार्टी के ऊर्जामंत्री को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा कि नितिन राऊत ने बिजली माफी की घोषणा करने में जल्दबाजी की। उन्होंने वित्त विभाग को विश्वास में नहीं लिया। घोषणा करने से पहले राज्य मंत्रिमंडल में इस पर विचार विमर्श करना चाहिए था।

राज्य पर 4 लाख करोड़ का कर्ज है – नितिन राऊत
ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत ने कहा कि ग्राहकों को बिजली बिल भरने के लिए सहूलियतें दी गई है। क्रूड ऑयल का भाव कम होने के बावजूद पेट्रोल 85 रुपए लीटर बिक रहा है। केंद्र सरकार से जीएसटी का 28 हजार करोड़ रुपए महाराष्ट्र को नहीं मिला। राऊत ने कहा, भाजपा सरकार में ही उनके राज्य की तिजोरी खाली हो गई थी। राज्य पर 4 लाख करोड़ का कर्ज है। ऐसे में सरकार के सामने बड़ा संकट है।

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