दिल्ली के मानेकशॉ सभागार में शुक्रवार को नौ वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस आयोजित किया गया। इसमौके पर राष्ट्रपति ने कहा मतदान को उत्सव बनाना होगा। भारतीय लोकतांत्रिक परंपराएं दुनिया के लिए शोध का विषय हैं। चुनाव आयुक्त ने कहा देश में महिला वोटर बढ़ रहे हैं। मतदान में महिलाओं के बढ़ते आकड़े बता रहे हैं कि महिलाओं में वोट की चोट का अहसास बढ़ रहा है। यह आकड़े 1962 में 1.5 फीसदी से बढ़कर 2014 में 65 फीसदी को पार करते दिख रहे हैं। यानि राजनीतिक पाटयां भले ही महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने पर ऐतिहात बरते, पर महिला मतदाताओं में जागरूकता बढ़ रही हैं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद केंद्रीय कानून मंत्री रविशकंर प्रसाद, मुख्य चुनाव आयुक्त और बांग्लादेश, भूटान, कजाकिस्तान, मालदीव, रूस और श्रीलंका के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। लोकसभा चुनाव 2014 के चलते इस बार राष्ट्रीय वोटर दिवस पर चुनाव आयोग ने नारा दिया है कि एक भी वोटर रह न जाए। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा भारत की भागौलिक एवं सामाजिक विविधता एवं विशालता को देखते हुये देश में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने में आधुनिक तकनीक समय की जरूरत हैं।
उन्होंने कहा निर्वाचन प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि लोग मतदान को उत्सव की तरह से आयोजित करें जिससे जागरुकता के साथ लोगों में वोटिंग के प्रतिल ललक बढ़े। उन्होंने कहा भारत के आधुनिक तरीकों की गूंज दुनिया केबाकि देशों तक जा रही है। पूरी दुनिया में भारत के लोकतन्त्र और निर्वाचन प्रणाली का विशेष सम्मान है। कई देशों के चुनाव संस्थानों ने हमारी निर्वाचन प्रक्रिया और प्रबंधन का अध्ययन किया है और कर रहे हैं। विश्व के अनेक देशों के निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को भारत के निर्वाचन आयोग ने प्रशिक्षण दिया है।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने पहली बार मतदाता बनने के लिये छह युवाओं को मतदाता पहचान पत्र सौंपे। कोविंद ने इन मतदाताओं को पहली बार मतदान करने जा रहे युवाओं के लिये सजग मतदाता बनने का संदेशवाहक बनने की अपील की। उन्होंने कहा आप सभी युवा मतदाता उस पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं जो पहली बार हमारे देश में इस वर्ष होने वाले आम चुनाव में मतदान करेंगे और 17वीं लोकसभा का स्वरूप तय करेंगे। राष्ट्रपति ने भारत में आम चुनाव को लोकतंत्र का महायज्ञ बताते हुये इस भव्य एवं विशाल अभियान में चुनाव आयोग के अथक प्रयासों की सराहनाकी। बताया। उन्होंने विभिन्नताओं के इस देश में 89 करोड़ मतदाता और दस लाख मतदान केंद्र रेगिस्तान से लेकर बर्फीले पहाड़ों की चोटियों और दुर्गम जंगलों से लेकर समतल मैदानों तक फैले हैं।
हमारे मतदान केंद्र पर निर्वाचन आयोग के संयुक्त प्रयासों के बल पर मतदान निष्पक्षता और सफलता के साथ सम्पन्न होता है। इसके लिए भारत का प्रत्येक मतदाता और भारत का निर्वाचन आयोग बधाई के पात्र हैं। चुनावय आयुक्त ने कहा यह हमारे लोकतंत्र और चुनाव मशीनरी के लिए सुखद क्षण है कि 2014 में मतदान प्रतिशत 66.4 तक पहुंच गया। 2009 से 2014 तक जब आखिरी आम चुनाव हुआ था तो हमने अपने मतदाता सूची में 11करोड़ अस्सी लाख मतदाताओं को जोड़ा था लेकिन मतदान प्रक्रिया में भाग लेने वाले मतदाता 13 करोड़ सात लाख हो गए।
सबसे उत्साहजनक विशेषता यह है कि अब लिंग अनुपात का अंतर भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। 1962 में लिंग अंतर 16.7 से घटकर 2014 में 1.5 हो गया है, जिसमें महिलाओें की भागीदारी 46.6 से बढ़कर 65.06 हो गई है। इतना ही नहीं 9 राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक है। ऐसे में अब आयोग का अगला मिशन मतदान की दिशा में और बेहतर काम करना है।
रविशंकर प्रसाद ने कहा चुनाव कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन ईवीएम के उपयोग की वकालत की है। प्रसाद ने कहा कि चुनाव आयोग पर भरोसा करने तथा संस्था की पवित्रता का सम्मान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा वह कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहते बल्कि पूरे सम्मान के साथ कहना चाहता हैं कि उसी मशीन ने मेरी पार्टी भाजपा को जीत और हार भी दिखाई है। उसी मशीन ने क्षेत्रीय दलों को कई बार सफलता दिलाई है। उन्होंने कहा हमें चुनाव आयोग पर भरोसा करने और आयोग की संस्था की पवित्रता का सम्मान करने की आवश्यकता है।