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प. बंगाल के जादवपुर विश्वविद्यालय में फिर लगे आजादी के नारे

Tue, 04 Apr 2017 04:28 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
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ब्यूरो/अमर उजाला , कोलकाता। पश्चिम बंगाल के जादवपुर विश्वविद्यालय में कुछ छात्रों की ओर से आजादी के समर्थन में नारे लगने के एक दिन बाद सोमवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस नेता और शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि ऐसे राष्ट्रविरोधी नारों का समर्थन नहीं किया जा सकता। इससे पहले भाजपा ने भी इस नारेबाजी पर चिंता जताई थी।
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ध्यान रहे कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का विरोध कर रहे छात्रों के एक गुट ने रविवार को आजादी, हल्लाबोल और आरएसएस दूर हटो जैसे नारे लगाए थे। वे बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न के मुद्दे पर संघ की ओर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक सेमिनार का विरोध कर रहे थे। उन छात्रों ने अपने हाथों में बैनर व पोस्टर भी ले रखे थे। उन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से करते हुए उनको गोरी चमड़ी का ब्राह्मण अवतार बताया गया था। भाजपा सांसद रूपा गांगुली ने इस घटना को प्रचार का हथकंडा करार दिया है।

उन्होंने छात्रों को ऐसे विरोध प्रदर्शन की बजाय से सही राह पर चल कर पहचान बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह बेहद विचित्र बात है कि पूरे देश में ऐसे विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के सिवाय सब कुछ हो रहा है। इससे पहले बीते साल फरवरी में भी इस विश्वविद्यालय में आजादी के समर्थन में हुई नारेबाजी ने पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थी।
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तब विश्वविद्यालय परिसर में कश्मीर के अलावा मणिपुर व नगालैंड की आजादी के समर्थन में नारे और पोस्टर लगे थे। बाद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समर्थकों ने उन पोस्टरों को फाड़ दिया था और तोड़-फोड़ मचाई थी। उन पोस्टरों में लिखा था ‘हमें क्या चाहिए’ आजादी, कश्मीर की आजादी, मणिपुर की आजादी, नगालैंड की आजादी।
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