देशभर में मानसूनी बारिश का कहर बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। भारी बारिश के चलते पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए।
चार दिन में सात मणिमहेश यात्रियों की मौत, नौ लापता
भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही के बीच 24 से 27 अगस्त तक सात मणिमहेश यात्रियों की मौत हो गई है। हड़सर से ऊपर भूस्खलन होने से जानें गई हैं। आठ श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जबकि नौ अभी भी लापता हैं। मणिमहेश यात्रा पर गए करीब 8,000 श्रद्धालु अभी भी रास्ते में फंसे हैं। प्रशासन ने 3,457 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। भरमौर से आगे का संपर्क पूरी तरह कट गया है। रास्ते में फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
उधर, रावी नदी में अचानक बाढ़ आने से कांगड़ा जिले के बड़ा बंगाल गांव में कई सरकारी इमारतें बह गईं। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि करीब 100 गड़रिए पहाड़ों पर ऊंचाई में अपनी बकरियों और भेड़ों के साथ फंसे हैं। बैजनाथ के एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया, निचले बड़ा बंगाल में एक प्राथमिक और उच्च विद्यालय, पंचायत घर, एक आयुर्वेदिक औषधालय और एक नागरिक आपूर्ति भंडार, जिसमें लगभग 70 क्विंटल राशन रखा था, बह गए।
दो पुलों के बह जाने से गांव राज्य के बाकी हिस्सों से कट गया है।
चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग बंद : लगातार भारी बारिश के बीच, बनाला में भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग बंद कर दिया गया है। कुल्लू जिले में ब्यास नदी के उफान पर होने से राजमार्ग का एक हिस्सा बह गया है।