बीते 24 घंटे में इन इन राज्यों में हुई बारिश
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटे के दौरान देश के लगभग हर हिस्से में बारिश हुई है। पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, केरल, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, असम में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा (7-20 सेमी) दर्ज की गई है। तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, पंजाब, गोवा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में अलग-अलग स्थानों पर भी 7-11 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
हिमाचल में आज और कल यलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में बुधवार और बृहस्पतिवार को भी बारिश का यलो अलर्ट जारी हुआ है। 20 जुलाई तक मौसम खराब बना रह सकता है। मंगलवार शाम तक प्रदेश में 199 सड़कें, 68 बिजली ट्रांसफार्मर और 171 जल आपूर्ति योजनाएं ठप रहीं। आपदा की मार झेल रहा जिला मंडी सबसे अधिक प्रभावित है। चंबा के 50 गांवों में बिजली सप्लाई बंद हो गई है। कुल्लू में भूस्खलन से 35 सड़कें बंद होने से आवाजाही ठप है। मंगलवार को राजधानी शिमला में दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। कांगड़ा में बादल छाए रहे। मैदानी जिलों में उमस भरी गर्मी से लोगों के खूब पसीने छूट रहे हैं।
राजस्थान के कई इलाकों में अगले दो से तीन दिन भारी बारिश की संभावना
राजस्थान के विभिन्न जिलों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। सबसे अधिक 183.0 मिमी बारिश भीलवाड़ा के बिजोलिया में दर्ज की गई है। उत्तर पश्चिम रेलवे के पाली मारवाड़-बोमाडाडा रेलवे खंड पर पटरियों पर जलभराव के कारण साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस ट्रेन रद्द करनी पड़ी है। अगले दो से तीन दिन कोटा, अजमेर और जोधपुर मंडलों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
रांची समेत झारखंड के 10 जिलों में यलो अलर्ट
झारखंड की राजधानी रांची समेत प्रदेश के 10 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश के कारण 19 जिलों में आकस्मिक बाढ़ को लेकर बुधवार शाम 5:30 बजे तक के लिए चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, लातेहार, खूंटी, देवघर, गिरिडीह, जामतारा, बोकारो, धनबाद और दुमका शामिल हैं। आईएमडी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों में एक अवदाब बना हुआ है, जो धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर की तरफ बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से राज्य में जोरदार बारिश हो रही है।
दिल्ली-एनसीआर में आज भी बारिश की संभावना
मानसून इस बार दिल्ली-एनसीआर पर खूब मेहरबान दिख रहा है। सप्ताहांत पर लगातार हुई बारिश के बाद मंगलवार को राजधानी के कुछ इलाकों में बारिश हुई। सुबह से ही आसमान में बादल और सूरज के बीच लुकाछिपी का खेल जारी रहा। दिन में धूप खिली। लेकिन, बादलों का आना-जाना लगा रहा। ऐसे में थोड़ी देर के लिए रिमझिम बारिश हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस कम के साथ 33.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री सेल्सियस कम के साथ 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में हवा में नमी का न्यूनतम स्तर 65 फीसदी रहा। वहीं, मौसम विभाग ने बुधवार के लिए भी हल्की वर्षा होने की संभावना जताई है। इस दौरान आसमान में पर बादल छाए रहेंगे।
उत्तराखंड में मुश्किलें बरकरार
उत्तराखंड में बारिश के बाद मलबा आने से सड़कों के बंद होने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को प्रदेश में एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 73 सड़कें बंद हो गईं। हालांकि, शाम तक इनमें से 17 सड़कों पर यातायात बहाल हो गया। सड़कों के बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ ही चारधाम पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक बागेश्वर जिले में कमेड़ी देवी-विजयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 99 में दीवार क्षतिग्रस्त होने की वजह से बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हैं। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में बृहस्पतिवार को गरज और बिजली की चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है और आईएमडी ने यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
20 जून से 14 जुलाई तक 105 लोगों की गई जान
इस मानसून सीजन में 20 जून से 14 जुलाई तक राज्य में बादल फटने, बाढ़, भूस्खलन सहित अन्य कारणों से 105 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 184 लोग घायल हुए हैं। अभी भी 35 लोग लापता हैं। 44 लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई है। मानसून सीजन में अब तक करीब 1235 कच्चे-पक्के मकानों, दुकानों को क्षति पहुंची है। 798 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 953 पालतु पशुओं की मौत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 786 करोड़ रुपये पहुंच चुका है।